मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद बढ़ा

रिलीज से पहले विवादों में आई मनोज बाजपेयी की फिल्म, ‘घूसखोर पंडित’ ब्राह्मण समाज ने जताया विरोध, दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला

मनोज बाजपेयी अभिनीत नेटफ्लिक्स की आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के शीर्षक में ‘पंडित’ शब्द के प्रयोग को लेकर ब्राह्मण समाज ने कड़ा विरोध जताया है। इसी क्रम में फिल्म के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई है। इस विवाद को लेकर संविधान सम्मान मंच के पदाधिकारी करन सिंह ने मुंबई के बीकेसी पुलिस स्टेशन में नेटफ्लिक्स के विरुद्ध औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ऐसा कंटेंट दिखाया जा रहा है, जो देश की छवि और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकता है।

शीर्षक से ही आहत होने का दावा
करन सिंह ने बातचीत में कहा कि ‘घूसखोर पंडित’ नाम ही लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। उनका कहना है कि जिन घरों में परंपराओं का पालन होता है और पूजा-पाठ किया जाता है, उनके लिए यह संदेश गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि नेटफ्लिक्स इस तरह का कंटेंट दिखाकर आखिर क्या संदेश देना चाहता है और देश की एकता को क्यों चोट पहुंचाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘घूसखोर’ जैसे शब्द को ‘पंडित’ के साथ जोड़ना किसी एक किरदार पर नहीं, बल्कि पूरे हिंदू ब्राह्मण समाज पर निशाना साधने जैसा है। उनका कहना है कि इस तरह के नाम और प्रस्तुति से सामाजिक विभाजन को बढ़ावा मिल सकता है।

नेटफ्लिक्स पर गंभीर आरोप
संविधान सम्मान मंच के पदाधिकारी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस तरह का कंटेंट देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं के बावजूद शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का देश है, ऐसे में इस प्रकार की सामग्री से शांति भंग होने का खतरा है। करन सिंह के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने से पहले वे नेटफ्लिक्स कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन वहां मुलाकात से इनकार कर दिया गया और पुलिस स्टेशन आने को कहा गया। इसके बाद बीकेसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई। उनका दावा है कि नेटफ्लिक्स प्रतिनिधियों ने केवल आश्वासन दिया है, ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक फिल्म से आपत्तिजनक अंश हटाए नहीं जाते या सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

देश की एकता से जुड़ा मामला
करन सिंह ने कहा कि संविधान सम्मान मंच इस मुद्दे पर जल्द बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा। जरूरत पड़ने पर कानूनी कदम उठाए जाएंगे और देशभर में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। उनके अनुसार यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि देश की एकता और सामाजिक सौहार्द को बचाने की लड़ाई है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading