योगी सरकार के अंतिम बजट से जनता को कुछ बड़ी राहतों की उम्मीद

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 11 फरवरी को अपना अंतिम बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। यह योगी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा क्योंकि अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी वर्ष की पृष्ठभूमि में जनता को लोकप्रिय योजनाओं और राहत पैकेज की पूरी उम्मीद है। बजट सत्र आज नौ फरवरी से शुरू हो चुका है। राज्यपाल का अभिभाषण इसका आगाज हुआ। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने स्पष्ट किया है कि बजट पूर्वाह्न ग्यारह बजे प्रस्तुत होगा। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी कुल राशि नौ लाख पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना है जो पूर्व वर्ष के आठ लाख आठ हजार करोड़ से कहीं अधिक होगी। पूंजीगत व्यय पर दो लाख बावन हजार करोड़ का प्रावधान हो सकता है जो सड़कों, पुलों और शहरी विकास पर केंद्रित रहेगा।  ऐसी संभावना है कि चुनावी माहौल के कारण योगी सरकार बजट में विकास के साथ जनकल्याण पर जोर देगी। किसान, युवा, महिला और गरीब वर्गों के लिए विशेष पैकेज की चर्चा जोरों पर है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और शिक्षा पर निवेश बढ़ाने की योजना बन रही है। जनता को सस्ती बिजली, पानी और आवास की सुविधा मिलने की पूरी संभावना है जिससे दैनिक जीवन में राहत पहुंचेगी।

क्या किसानों को मिलने वाली राहत

कृषि क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बजट में किसानों के लिए ऋण माफी, बीमा योजना का विस्तार और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की सीमा बढ़ाने की घोषणा हो सकती है। खाद, बीज और कीटनाशकों पर सब्सिडी देकर उत्पादन लागत घटाई जाएगी। इससे छोटे किसानों को आर्थिक बोझ से मुक्ति मिलेगी और उनकी आय दोगुनी करने का लक्ष्य साकार होगा। ड्रिप सिंचाई और जैविक खेती को बढ़ावा देकर जल संरक्षण होगा जो सूखा प्रभावित इलाकों में बड़ी राहत साबित होगा।
इसके अलावा पशुपालन और डेयरी विकास के लिए नई योजनाएं शुरू हो सकती हैं। गौशाला निर्माण और पशु चिकित्सा सेवाओं पर अतिरिक्त धनराशि से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी। फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देकर किसान एक फसल पर निर्भरता छोड़ सकेंगे। कुल मिलाकर किसान परिवारों को सालाना दस से पंद्रह हजार रुपये की अतिरिक्त बचत हो सकती है।

युवाओं के लिय रोजगार सृजन की भी अपेक्षा
युवा वर्ग चुनावी वर्ष में सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है। बजट में सरकारी नौकरियों के साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर बल दिया जाएगा। स्टार्टअप योजना के तहत युवाओं को ऋण और प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे उद्यमिता को बल मिलेगा। आईटी पार्क, औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार कर लाखों नौकरियां पैदा होंगी। कौशल विकास केंद्रों पर निवेश से ग्रामीण युवक आधुनिक तकनीक सीख सकेंगे।महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं में लक्ष्मी भगिन योजना का विस्तार होगा। प्रत्येक जिले में रोजगार मेलों का आयोजन और बेरोजगारी भत्ते में वृद्धि से युवाओं को तत्काल राहत मिलेगी। इससे बेरोजगारी दर घटीगी और परिवारों की मासिक आय में पांच से दस हजार रुपये की बढ़ोतरी संभव चुनावी वर्ष में युवाओं को लुभाने हेतु बजट में रोजगार पैकेज प्रमुख होगा। औद्योगिक निवेश आकर्षित कर लाखों नौकरियां सृजित होंगी। कौशल केंद्रों से प्रशिक्षण लेकर युवक स्वरोजगार की ओर बढ़ेंगे।स्टार्टअप फंड से उद्यमी बनने का मार्ग प्रशस्त होगा। आईटी और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश से ग्रामीण युवाओं को अवसर मिलेंगे। बेरोजगारी भत्ता बढ़ाकर तात्कालिक सहायता दी जाएगी। इससे पारिवारिक स्थिरता आएगी और अपराध दर घटीगी। युवा वर्ग इसे सरकार की सच्ची प्रतिबद्धता मानेगा

 महिलाओं और गरीबों को भी कल्याण की उम्मीद
महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु पिंक बस सेवा, सुरक्षा ऐप और मुफ्त यात्रा का विस्तार होगा। उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर सस्ते होंगे जिससे घरेलू खर्च में कमी आएगी। गरीबी रेखा से नीचे परिवारों को मुफ्त राशन, आवास और शौचालय की सुविधा बढ़ेगी। वृद्धजनों के लिए पेंशन राशि दोगुनी हो सकती है जो बुजुर्गों के जीवन को सुगम बनाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में मोबाइल मेडिकल यूनिट और आयुष्मान कार्ड का दायरा बढ़ेगा। प्रत्येक ग्राम में स्वास्थ्य केंद्र मजबूत होंगे जिससे महंगी दवाओं और इलाज से लोग बच सकेंगे। इससे प्रति परिवार सालाना पांच हजार रुपये की बचत होगी। शिक्षा में मुफ्त लैपटॉप, साइकिल और छात्रवृत्ति से बच्चों का भविष्य संवर जाएगा।

बुनियादी ढांचे का विकास बड़ा मुद्दा
शहरी विकास के लिए बाईस हजार पांच सौ करोड़ रुपये आवंटित हो सकते हैं। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को गति मिलेगी जिससे यातायात जाम कम होंगे। ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाकर बाजार तक पहुंच आसान होगी। बिजली आपूर्ति विश्वसनीय बनाने हेतु सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित होंगे। इससे किसान और व्यापारी दोनों को लाभ मिलेगा।  निर्वाचन क्षेत्र विकास कोष में चालीस लाख रुपये प्रति क्षेत्र का प्रावधान होगा। इससे स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान संभव है। पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय रोजगार बढ़ेगा। जल जीवन मिशन से हर घर नल जुता योजना पूरी होगी जो ग्रामीण महिलाओं को सबसे अधिक राहत देगी।

बजट का राजनीतिक महत्व और विपक्ष की प्रतिक्रिया
यह बजट योगी सरकार की विदाई पूर्व अंतिम कोशिश होगी। भाजपा इसे सबकी खुशहाली का बजट बताएगी जबकि विपक्ष इसे चुनावी जुमला करार देगा। जनता विकास और राहत के बीच तौल रही है। पिछले बजटों में वादे पूरे करने का रिकॉर्ड सरकार के पक्ष में है। कुल मिलाकर प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और महंगाई पर नियंत्रण से आम आदमी खुश होगा। सत्ताा पक्ष का कहना है कि उत्तर प्रदेश का आगामी बजट किसानों की उम्मीदों का केंद्र बनेगा। 11 फरवरी को पेश होने वाले इस बजट में ऋण माफी और सब्सिडी पैकेज से लाखों किसान लाभान्वित हो सकते हैं। सिंचाई परियोजनाओं से सूखा प्रभावित क्षेत्रों को नया जीवन मिलेगा,ऐसी उम्मीद भी की जा रही है।  इसके अलावा कृषि उत्पादकता बढ़ाने हेतु उन्नत बीज वितरण और गोदाम निर्माण होगा। डेयरी क्षेत्र में सहकारी समितियों को मजबूत कर दूध उत्पादकों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पलायन रुकेगा। पशुपालन योजनाओं से छोटे किसानों की आय अनुमानित रूपसे तीस प्रतिशत बढ़ेगी।महिलाओं के लिए संयुक्त समूह बनाकर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। जैविक खेती को प्रोत्साहन से निर्यात बढ़ेगा। कुल राशि में कृषि को बीस प्रतिशत हिस्सा मिलने से किसान उत्साहित हैं। यह बजट ग्रामीण भारत की दशा बदलने का वाहक बनेगा।

अजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार, लखनऊ
(
ये लेखक के अपने स्वयं के निजी विचार हैं)

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