
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में शामिल होने को लेकर बनी अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है। गेट्स फाउंडेशन के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि गेट्स तय कार्यक्रम के अनुसार समिट में भाग लेंगे और मुख्य संबोधन भी देंगे।
17 फरवरी को इवेंट की वेबसाइट पर अतिथि सूची में उनका नाम नजर नहीं आया था, जिसके बाद यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार ने उनका निमंत्रण रद्द कर दिया है। इन चर्चाओं की वजह अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े हालिया विवादित दस्तावेजों में उनका नाम सामने आना बताया गया। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और गेट्स फाउंडेशन के चेयरमैन गेट्स 16 फरवरी को ही एक्सपो में शामिल होने के लिए भारत पहुंच चुके हैं।
गेट्स ने हाल ही में एक इंटरव्यू में एपस्टीन से मुलाकातों पर खेद जताते हुए कहा कि उनसे मिलना उनकी बड़ी भूल थी और उन्हें इसका पछतावा है। एपस्टीन पर यौन अपराधों और नाबालिगों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगे थे। 2019 में जेल में उसकी आत्महत्या के बाद हाल में उससे संबंधित कई गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए गए, जिनमें दावा किया गया कि एपस्टीन और गेट्स के बीच करीबी संबंध थे तथा उसने कथित तौर पर उनकी निजी गतिविधियों में भी मदद की थी। गेट्स पहले कहते रहे थे कि मुलाकातें केवल चैरिटी और फंडरेजिंग के सिलसिले में हुई थीं, लेकिन अब वे इसे गलती मानते हैं।
समिट में सुंदर पिचई और सैम ऑल्टमैन जैसे टेक जगत के दिग्गज भी भाग ले रहे हैं। वहीं जेंसेन हुआंग के शामिल होने की संभावना थी, पर उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया है। उनकी कंपनी एनवीडिया ने इस निर्णय का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया, हालांकि अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह फैसला गेट्स की मौजूदगी से जुड़ा हो सकता है।
16 फरवरी से शुरू हुआ यह वैश्विक टेक्नोलॉजी आयोजन 20 फरवरी तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। समिट के साथ एक्सपो भी चल रहा है, जिसमें दुनियाभर की कंपनियां अपने नवीनतम एआई समाधान प्रदर्शित कर रही हैं।






