नमो भारत और मेरठ मेट्रो में बच्चों का किराया अब उम्र नहीं, लंबाई से तय

नमो भारत और मेरठ मेट्रो ट्रेनों में बच्चों के टिकट को लेकर खास नियम लागू किया गया है। यहां किराया उम्र के आधार पर नहीं बल्कि बच्चे की लंबाई के आधार पर निर्धारित होता है। यदि बच्चे की लंबाई 90 सेंटीमीटर से कम है तो उसे टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन अगर कोई 3 साल का बच्चा 92 सेंटीमीटर लंबा है, तो उसे पूरा टिकट लेना अनिवार्य होगा। सामान्यतः परिवहन सेवाओं में बच्चों को उम्र के अनुसार छूट दी जाती है, लेकिन इस सेवा में अलग मानक अपनाया गया है। स्टेशनों और एएफसी गेट्स के पास लंबाई मापने के लिए विशेष निशान लगाए गए हैं। 90 सेंटीमीटर (लगभग 2.95 फीट) से कम लंबाई वाले बच्चे अपने अभिभावक के साथ निशुल्क यात्रा कर सकते हैं, जबकि इससे अधिक लंबाई होने पर पूरा किराया देना होगा। इसका कारण यह है कि कई छोटे बच्चे उम्र में कम लेकिन कद में लंबे होते हैं, जबकि कुछ बड़े बच्चे कम लंबाई के होते हैं—ऐसे में नियम सभी पर समान रूप से लागू होता है।

यात्रियों के लिए 7 जरूरी नियम
• स्टेशन परिसर में केवल प्रवेश करने के बाद 20 मिनट के भीतर उसी स्टेशन से बाहर निकलना अनिवार्य है।
• मोबाइल ऐप से खरीदे गए क्यूआर टिकट न तो रद्द किए जा सकते हैं और न ही उनका रिफंड मिलता है।
• पेपर या डिजिटल टिकट—दोनों ही टिकट बनने के 120 मिनट के भीतर एएफसी गेट पर स्कैन करना जरूरी है, तभी प्रवेश मिलेगा।
• यात्रा के दौरान टिकट या कार्ड खोने पर गंतव्य स्टेशन पर अधिकतम किराया और अतिरिक्त शुल्क देना होगा। भुगतान कस्टमर केयर सेंटर पर करना पड़ेगा।
• तय स्टेशन से आगे जाने की स्थिति में बाहर निकलने से पहले अतिरिक्त किराया जमा करना आवश्यक है। कार्ड उपयोगकर्ताओं के खाते से यह राशि स्वतः कट जाती है।
• किसी भी बैंक का नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड यहां मान्य है, जिसे स्टेशन काउंटर से खरीदा या रिचार्ज किया जा सकता है।
• टिकट वेंडिंग मशीन या काउंटर से क्यूआर कोड वाला टिकट भी आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

विशिखा मीडिया

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