भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने नौ प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। बिहार से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया गया है। इसके साथ ही अन्य आठ नामों की भी आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।
भाजपा ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बिहार से राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है। वर्तमान में वे बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हाल ही में संपन्न बजट सत्र में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। वे नीतीश कुमार सरकार में मंत्री पद संभाल चुके हैं, लेकिन पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के अगले ही दिन उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसे संगठन में उनकी बढ़ती भूमिका और जिम्मेदारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। नितिन नवीन के अलावा शिवेश कुमार को भी बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। विधानसभा में भाजपा के संख्याबल को देखते हुए इन दोनों नेताओं की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है।
नौ सीटों के लिए उम्मीदवारों का एलान
भाजपा ने मंगलवार को राज्यसभा की नौ सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की। बिहार के अतिरिक्त पश्चिम बंगाल से वरिष्ठ नेता राजीव सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है। वे इन दिनों पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं और सक्रिय रूप से प्रचार अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। असम से तेराश गोवाला और जोगेन मोहन, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा, हरियाणा से संजय भाटिया को प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को राज्यसभा भेजने की तैयारी की गई है।
राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ता कद
नितिन नवीन का नाम जब पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में सामने आया था, तब राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी। उस समय तक उनकी पहचान मुख्यतः बिहार तक सीमित थी, लेकिन बीते समय में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी सक्रियता ने उन्हें राष्ट्रीय परिदृश्य में प्रमुखता दिलाई है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के कूचबिहार से पार्टी का चुनावी अभियान शुरू किया था, जहां वे ममता बनर्जी सरकार पर तीखे हमले करते नजर आए। उनकी आक्रामक शैली और मुखर बयानबाजी ने उन्हें तेजी से सुर्खियों में लाया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राज्यसभा में उनकी एंट्री से भाजपा को संसद के उच्च सदन में एक प्रभावशाली वक्ता मिल सकता है।





