
त्योहारों में क्यों बढ़ जाता है शुगर लेवल:
एंडोक्रोनोलॉजिस्ट के अनुसार, त्योहारों में खान-पान की लापरवाही शुगर स्पाइक का प्रमुख कारण बनती है।
- गुझिया, मिठाइयां और मीठे पेय पदार्थों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है।
- ये खाद्य पदार्थ रक्त में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ाते हैं।
- तली-भुनी चीजें इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकती हैं।
- अधिक मात्रा में सेवन करने से ब्लड शुगर अचानक बढ़ने का खतरा रहता है।
रंगों और उमंग का पर्व होली देशभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। गुझिया, ठंडाई और तरह-तरह की मिठाइयों के बिना यह त्योहार अधूरा सा लगता है। लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यही पारंपरिक पकवान परेशानी का कारण बन सकते हैं। हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ रक्त में शुगर स्तर को तेजी से बढ़ा सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि सावधानी बरतते हुए त्योहार का आनंद लिया जाए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, होली के दौरान अत्यधिक मीठा, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और तली-भुनी चीजों का सेवन ब्लड शुगर को असंतुलित कर सकता है। अनियमित दिनचर्या, मीठे पेय और ज्यादा कैलोरी वाले व्यंजन भी शुगर बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए डायबिटीज मरीजों को विशेष सतर्कता की आवश्यकता होती है।
डायबिटीज मरीज किन बातों का रखें ध्यान: डॉक्टरों का कहना है कि केवल आहार ही नहीं, बल्कि दिनचर्या का संतुलन भी जरूरी है।
- यदि मिठाई खाना चाहें तो बिना चीनी या गुड़ से बनी सीमित मात्रा में मिठाइयों का चयन करें।
- आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें। साबुत अनाज, दालें और प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, इससे ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
- त्योहार के दौरान भी नियमित शारीरिक गतिविधियां जारी रखें।
क्या खाएं और किन चीजों से बचें: शुगर नियंत्रण के लिए कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों का सेवन लाभकारी माना जाता है।
इनसे बचें:
- मैदे से बनी गुझिया और अन्य मिठाइयां
- मीठे पेय और कोल्ड ड्रिंक्स
- तली-भुनी और अत्यधिक मीठी चीजें
इनको अपनाएं:
- साबुत अनाज, दालें, पनीर, हरी सब्जियां और सलाद
- शुगर-फ्री मिठाइयां (सीमित मात्रा में)
- नारियल पानी या बिना शक्कर वाली ठंडाई
अगर शुगर लेवल बढ़ जाए तो क्या करें: त्योहार के दौरान नियमित अंतराल पर ब्लड शुगर की जांच करना जरूरी है। यदि स्तर बढ़ा हुआ मिले तो इसे नजरअंदाज न करें।
- ब्लड शुगर 200 mg/dL से अधिक हो तो तुरंत नियंत्रण के उपाय करें।
- पर्याप्त पानी पिएं, ताकि अतिरिक्त ग्लूकोज शरीर से बाहर निकल सके।
- हल्की वॉक करें, इससे मांसपेशियां ग्लूकोज का उपयोग करती हैं।
- डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवा या इंसुलिन नियमित रूप से लें।
- यदि शुगर नियंत्रित न हो पाए तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।
नोट: किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।






