मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत पर बवाल, गौ-तस्करों पर हत्या का आरोप

हाईवे पर भड़की भीड़, पथराव में एसडीएम व पुलिस की गाड़ियां क्षतिग्रस्त; हालात संभालने को फोर्स तैनात

ब्रज क्षेत्र के चर्चित गौ-सेवक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। आरोप है कि गौ-तस्करों ने उन्हें वाहन से कुचलकर मार डाला। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में व्यापक नाकाबंदी कर दी है। बताया जा रहा है कि ईद के दिन मथुरा जिले के थाना कोसीकलां अंतर्गत कोटवन चौकी क्षेत्र के गांव नवीपुर में देर रात यह घटना हुई। ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध चंद्रशेखर की मौत की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और तनाव का माहौल बन गया। आक्रोशित लोगों ने आगरा-दिल्ली हाईवे को जाम कर दिया और पथराव शुरू कर दिया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

सूत्रों के मुताबिक, बाबा को क्षेत्र में सक्रिय गौ-तस्करों की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे अपनी टीम के साथ उनका पीछा कर रहे थे। इसी दौरान नवीपुर के पास तस्करों ने कथित रूप से अपनी गाड़ी उन पर चढ़ा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छाता क्षेत्र में मोर्चा संभाल लिया है और बरसाना की ओर जाने वाले मार्गों पर कड़ी नाकाबंदी की गई है। बाबा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव अंजनोख स्थित गोशाला लाया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त एकत्रित हो गए। अपने निडर स्वभाव और गौ-सेवा के लिए प्रसिद्ध ‘फरसा वाले बाबा’ की हत्या की खबर से विभिन्न संगठनों और समर्थकों में रोष फैल गया है। भीड़ बढ़ने के साथ ही हालात बिगड़ते गए और हाईवे पर फंसे वाहनों पर भी पथराव किया गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के उग्र तेवर के चलते आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस दौरान एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह, एसपी ग्रामीण सुरेशचंद्र रावत, एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों की गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया, जिनके शीशे और खिड़कियां तोड़ दी गईं।

विशिखा मीडिया

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