
एक अरब रुपये के ऑनलाइन सट्टा रैकेट का खुलासा, पुलिस को भाजपा नेता समेत नौ लोगों की तलाश
उत्तर प्रदेश के झांसी में करीब एक अरब रुपये के ऑनलाइन सट्टा रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस भाजपा से जुड़े एक नेता सहित नौ आरोपियों की तलाश में जुटी है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने अवैध कमाई से लग्जरी कारें, फार्महाउस और शहर के लगभग 12 स्थानों पर महंगे प्लॉट खरीदकर भारी संपत्ति खड़ी कर ली थी। साथ ही, दुबई आधारित एप के जरिए मोटा कमीशन भी अर्जित किया जा रहा था। पुलिस की नवाबाद थाना टीम ने बुधवार को इस संगठित ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान तीन प्रमुख सटोरियों शुभम उपाध्याय, विजय बाधवा और नितिन अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का रिकॉर्ड बरामद हुआ है। पूछताछ और दस्तावेजों के आधार पर भाजपा किसान मोर्चा के एक पदाधिकारी, सहकारिता बैंक के निदेशक आशीष उपाध्याय तथा पार्षद पति पप्पू यादव समेत नौ अन्य संदिग्धों की पहचान हुई है, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा करीब 50 लाख रुपये भी जब्त कर लिए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबी जीटीएस मूर्ति के अनुसार, सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पहाड़ी मार्ग स्थित एक स्थान पर घेराबंदी की। इस दौरान आरोपियों ने फरार होने की कोशिश में अपनी एसयूवी से पुलिस वाहन को टक्कर मार दी, जिससे कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि, पुलिस ने तीनों को मौके से दबोच लिया और उनके पास से मोबाइल फोन, टैबलेट, नकदी व सट्टे से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपियों ने सट्टेबाजी के जरिए कम समय में करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की। पुलिस अब इनकी संपत्तियों का पूरा ब्योरा जुटाकर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने दिल्ली, इंदौर, धौलपुर सहित कई स्थानों पर अचल संपत्तियां खरीदी हैं और निवेश के अन्य माध्यमों का भी इस्तेमाल किया है।
तकनीकी जांच से पता चला है कि सट्टा संचालन में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल एप का मुख्य नियंत्रण दुबई से किया जा रहा था। एप में प्रयुक्त ‘क्वाइन’ की वास्तविक कीमत और स्थानीय बिक्री मूल्य के बीच भारी अंतर रखकर प्रति यूनिट मोटा कमीशन वसूला जाता था, जिससे गिरोह को प्रतिदिन लाखों रुपये की आय होती थी। मामले की आंच स्थानीय राजनीति तक भी पहुंचती दिख रही है। पूछताछ में कुछ पार्षदों और उनके परिजनों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें दो पार्षद पति फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि सभी संदिग्धों को जल्द गिरफ्तार कर नेटवर्क की पूरी परतें उजागर की जाएंगी।






