
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपये की वृद्धि की गई है। इससे पहले 1 मार्च को भी इसी श्रेणी के सिलेंडर पर 114.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। बुधवार को जारी नई दरों के अनुसार, यह बढ़ोतरी केवल 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर पर लागू हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये पहले की तरह स्थिर बनी हुई हैं। नई कीमत लागू होने के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का दाम बढ़कर 2,078.50 रुपये हो गया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का परिणाम मानी जा रही है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं होतीं, बल्कि ये बाजार आधारित होती हैं और इनमें हर महीने बदलाव संभव है। उन्होंने बताया कि देश की कुल एलपीजी खपत में कमर्शियल सिलेंडरों की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से भी कम है। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई है। 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत में आखिरी बार 7 मार्च को 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। वर्तमान में दिल्ली में यह सिलेंडर 913 रुपये में उपलब्ध है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर एलपीजी और एटीएफ (विमान ईंधन) की कीमतों में संशोधन करती हैं।
वैश्विक संकट का असर
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव के चलते ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक उछाल आया है। इसी का सीधा असर अब एलपीजी के दामों पर भी देखने को मिल रहा है।





