यूपी: वाहनों में एचएसआरपी के बिना नहीं बनेगा प्रदूषण प्रमाणपत्र

प्रदेश में 16 अप्रैल से लागू होगा नया नियम

उत्तर प्रदेश में वाहन मालिकों के लिए एक अहम बदलाव लागू होने जा रहा है। 16 अप्रैल 2026 से राज्य में ऐसा कोई भी वाहन, जिसमें हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) नहीं लगी होगी, उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) जारी नहीं किया जाएगा। परिवहन विभाग ने इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है, जिससे वाहन संचालन के नियम और अधिक सख्त हो जाएंगे।

नई व्यवस्था के तहत:

  • बिना एचएसआरपी वाले वाहनों को पीयूसीसी नहीं मिलेगा
  • विभाग का डिजिटल सिस्टम केवल एचएसआरपी युक्त वाहनों को ही मान्यता देगा

यदि आपकी गाड़ी में अब भी पुरानी नंबर प्लेट लगी है, तो पीयूसीसी के लिए किया गया आवेदन सीधे अस्वीकार कर दिया जाएगा। ऐसे में बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के वाहन चलाना कानूनन गलत होगा और आपकी गाड़ी सड़क पर चलाने के लिए अयोग्य मानी जाएगी।

किन वाहनों को मिलेगी राहत: परिवहन विभाग ने कुछ श्रेणियों को इस नियम से छूट दी है:

  • क्लासिक (पुराने) वाहन
  • बंद (डिस्कंटीन्यूड) हो चुके मॉडल वाले वाहन

इन वाहनों के मालिक बिना एचएसआरपी के भी पीयूसीसी बनवा सकेंगे। वाहन मालिकों को किसी भी परेशानी या जुर्माने से बचने के लिए जल्द से जल्द एचएसआरपी लगवानी चाहिए। इसकी प्रक्रिया सरल है:

  1. आधिकारिक वेबसाइट http://www.bookmyhsrp.com पर जाएं
  2. वाहन से संबंधित जानकारी भरें (रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर आदि)
  3. नजदीकी अधिकृत डीलर या सेंटर का चयन कर अपॉइंटमेंट लें
  4. तय समय पर जाकर प्लेट इंस्टॉल कराएं

नियम लागू करने का उद्देश्य: सरकार इस कदम के जरिए:

  • वाहनों की सटीक पहचान और ट्रैकिंग सुनिश्चित करना चाहती है
  • प्रदूषण नियंत्रण को और प्रभावी बनाना चाहती है

नियमों के अनुसार, बिना वैध पीयूसीसी के वाहन चलाने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। डिजिटल सिस्टम और कड़े नियमों के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी वाहन:

  • सुरक्षा मानकों का पालन करें
  • प्रदूषण नियंत्रण के तय मानकों के अनुरूप हों

ऐसे में वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि वे समय रहते एचएसआरपी लगवाकर अपने वाहन को नियमों के अनुरूप अपडेट करें, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

विशिखा मीडिया

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