
सिलिंडरों के फटने से हुए धमाकों से क्षेत्र में दहशत
दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद जिले के कनवानी गांव में गुरुवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 500 से अधिक झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के साथ ही झुग्गियों में रखे रसोई गैस सिलिंडर एक-एक कर फटने लगे। लगातार हो रहे धमाकों से लोग सहम उठे और क्षेत्र में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कुछ बच्चों के लापता होने की आशंका जताई गई है, हालांकि अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल गाड़ियों को लगाया गया और लगातार पानी की बौछारें की गईं। आग बड़े क्षेत्र में फैली होने के कारण इसे बुझाने में काफी समय लगा।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग कबाड़ के गोदाम से शुरू हुई, जो धीरे-धीरे झुग्गियों तक फैल गई। हालांकि आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। घटना के समय कई लोग अपने काम पर गए हुए थे, जबकि छोटे बच्चे झुग्गियों में ही मौजूद थे। अचानक लगी आग के कारण लोगों को अपने सामान और परिजनों को सुरक्षित निकालने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। कई परिवार अपने लापता बच्चों की तलाश में घटनास्थल के आसपास परेशान नजर आए। मौके पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात रहीं। दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग पर काबू पा लिया गया है और अब कूलिंग का कार्य जारी है। इसके बाद पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और आग को आगे फैलने से रोक दिया गया है। फिलहाल किसी के हताहत होने या लापता होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस भीषण अग्निकांड में सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं और उनके सामने अब रहने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने की बात कही है।






