
बच्चों को छुट्टी कर भेजा गया घर, जांच के दौरान किसी भी परिसर से संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि नहीं
बुधवार को गुरुग्राम के कई निजी स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाले ईमेल मिलने से प्रशासन और अभिभावकों में व्यापक चिंता का माहौल बन गया। इस बार धमकी कथित तौर पर ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ के नाम से भेजी गई है। ईमेल में 29 अप्रैल को ‘40वां खालिस्तान डिक्लेयरेशन डे’ बताकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई, साथ ही गुरुग्राम के लगभग छह निजी स्कूलों और दिल्ली के लाल किले को निशाना बनाने की बात कही गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8:33 बजे इन स्कूलों को भेजे गए ईमेल में दावा किया गया कि उनके परिसरों में विस्फोटक लगाए गए हैं। ईमेल में लाल किले के बाहर पार्किंग में खड़ी एक कार में बम होने का भी उल्लेख था। सूचना मिलते ही गुरुग्राम और दिल्ली पुलिस तत्काल सक्रिय हो गईं और सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए व्यापक जांच शुरू कर दी। पुलिस ने प्रभावित स्कूलों में बम निरोधक दस्तों और डॉग स्क्वायड की मदद से गहन तलाशी अभियान चलाया। एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली कराकर छात्रों को घर भेज दिया गया। जिन संस्थानों को धमकी मिली, उनमें एचडीएफसी स्कूल, सनसिटी स्कूल और एमिटी इंटरनेशनल स्कूल सहित अन्य प्रमुख निजी स्कूल शामिल हैं। हालांकि, जांच के दौरान किसी भी परिसर से संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
यह पहली बार नहीं है जब गुरुग्राम के स्कूलों को इस तरह की धमकियां मिली हों। जनवरी 2026 से अब तक तीन बार ऐसे ईमेल सामने आ चुके हैं। एक मामले में गुरुग्राम पुलिस ने 19 मार्च को गुजरात से सौरभ विश्वास उर्फ माइकल नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसके कथित तौर पर बांग्लादेश स्थित एक व्यक्ति से संपर्क थे और उसने सैकड़ों ईमेल आईडी का उपयोग किया था। धमकी भरे ईमेल में रेलवे ढांचे को भी निशाना बनाने का जिक्र किया गया है। इसमें अंबाला कैंट जंक्शन, रेवाड़ी जंक्शन के रेलवे ट्रैक और दिल्ली में आईईडी विस्फोट की आशंका जताई गई, जिसके बाद रेलवे पुलिस भी सतर्क हो गई और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई। ईमेल में लोगों को डराने की मंशा से यह भी कहा गया कि यदि उन्हें अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता है, तो वे आज ट्रेन यात्रा से बचें। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार के अनुसार, सभी प्रभावित स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक निरीक्षण किया है और कहीं भी कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है। फिलहाल, ईमेल भेजने वालों की पहचान के लिए आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।






