
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम सोमवार को घोषित हुए, जिनमें कई बड़े राजनीतिक उलटफेर देखने को मिले। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सत्ता परिवर्तन हुआ, जबकि असम और पुडुचेरी में एनडीए ने दोबारा सरकार बनाने में सफलता हासिल की।
पश्चिम बंगाल: बीजेपी का ऐतिहासिक उदय, ममता सरकार का अंत
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की। पार्टी ने महज 10 वर्षों में 3 सीटों से बढ़कर 206 सीटों तक का सफर तय किया। वहीं, ममता बनर्जी का 15 साल पुराना शासन समाप्त हो गया।
बीजेपी का वोट शेयर 7.5% बढ़ा, जबकि टीएमसी का उतना ही घटा।
- सीएम पद पर सस्पेंस: पार्टी ने बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ा था। सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार, दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य संभावित दावेदारों में शामिल हैं। महिला चेहरे पर भी दांव लगाया जा सकता है।
- स्ट्राइक रेट: बीजेपी ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% स्ट्राइक रेट हासिल किया, जबकि टीएमसी 81 सीटों पर सिमट गई।
- बड़े नेताओं की हार: ममता बनर्जी समेत 12 मंत्री चुनाव हार गए।
- ऐतिहासिक स्थिति: 1972 के बाद पहली बार राज्य और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार बनी है।
- क्षेत्रीय पकड़: उत्तर से दक्षिण तक बीजेपी का प्रभाव दिखा, खासकर साउथ बंगाल और जंगलमहल क्षेत्रों में।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 242 सीटों पर प्रचार किया, जिनमें से 184 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली।
तमिलनाडु: टीवीके का धमाकेदार प्रदर्शन
तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं और सत्ता की ओर बढ़ी। 59 साल में पहली बार राज्य में डीएमके या एआईएडीएमके के बिना सरकार बनने जा रही है।
- टीवीके का स्ट्राइक रेट 46% रहा।
- डीएमके को 59 और एआईएडीएमके को 47 सीटें मिलीं।
- मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन चुनाव हार गए, हालांकि उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने जीत दर्ज की।

असम: बीजेपी की लगातार तीसरी जीत
असम में हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी ने तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ किया। पार्टी ने 89 में से 82 सीटें जीतकर 92.1% का शानदार स्ट्राइक रेट हासिल किया। खास बात यह रही कि सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा।
केरल: कांग्रेस की वापसी, लेफ्ट का सफाया
केरल में 10 साल बाद कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की। इसके साथ ही देश में लेफ्ट की कोई सरकार नहीं बची, जो पिछले 50 वर्षों में पहली बार हुआ है। सीएम पिनाराई विजयन भी चुनाव हार गए।
- कांग्रेस ने 114 में से 63 सीटें जीतकर 55.2% स्ट्राइक रेट हासिल किया।
- एलडीएफ के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हार गए।
- मुख्यमंत्री पद के लिए वी.डी. सतीशन, के.सी. वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और सनी जोसेफ प्रमुख दावेदार हैं।
पुडुचेरी: रंगासामी फिर बनेंगे मुख्यमंत्री
पुडुचेरी में एन. रंगासामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उनकी पार्टी एआईएनआरसी ने 12 सीटें जीतीं। बीजेपी को 4 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस केवल 1 सीट पर सिमट गई।
इन चुनाव नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव संकेतित किया है। जहां एक ओर बीजेपी ने बंगाल और असम में अपनी पकड़ मजबूत की, वहीं दक्षिण भारत में टीवीके और कांग्रेस ने नए समीकरण स्थापित किए हैं।




