दिल्ली: एनडीएमसी के 33% कर्मचारी अब करेंगे ‘वर्क फ्रॉम होम’

पीएम मोदी की पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की अपील का बड़ा असर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की अपील को अमली जामा पहनाते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने एक बड़ा कदम उठाया है। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने घोषणा की है कि परिषद के 33 प्रतिशत कर्मचारी अब घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करेंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। कुलजीत सिंह चहल के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वाहनों के अनावश्यक दबाव को कम करना और ईंधन की खपत में कटौती करना है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि दिल्ली की यातायात व्यवस्था को भी राहत मिलेगी।

किन कर्मचारियों पर लागू होगा नियम: नई व्यवस्था के तहत कुछ विशेष मानक तय किए गए हैं:

  • प्राथमिकता: उन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो दूर-दराज के इलाकों से अपने निजी वाहनों से कार्यालय आते हैं।
  • ग्रुप बी और सी: चिन्हित विभागों के समूह ‘बी’ और समूह ‘सी’ के अधिकतम 33% कर्मचारियों को रोटेशन के आधार पर वर्क फ्रॉम होम की अनुमति मिलेगी।
  • रोस्टर प्रणाली: विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कर्मचारियों की ड्यूटी लिस्ट इस तरह तैयार करें कि जनसेवाएं और कार्यालयी कामकाज किसी भी तरह प्रभावित न हों।

वर्क फ्रॉम होम के लिए कड़े दिशा-निर्देश: घर से काम करने का अर्थ छुट्टी कतई नहीं है। एनडीएमसी ने स्पष्ट किया है कि:

  1. कर्मचारियों को सभी आधिकारिक संचार माध्यमों (फोन, ईमेल, व्हाट्सएप) पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहना होगा।
  2. यदि किसी आपात स्थिति में जरूरत पड़ती है, तो कर्मचारी को तुरंत कार्यालय रिपोर्ट करना होगा।

इन आवश्यक सेवाओं को मिली छूट: जनहित को ध्यान में रखते हुए, आपातकालीन और अनिवार्य सेवाओं से जुड़े विभागों को इस योजना से बाहर रखा गया है। निम्नलिखित विभागों के कर्मचारियों को नियमित रूप से कार्यालय आना होगा:

  • सफाई एवं जनस्वास्थ्य सेवाएं।
  • अस्पताल और चिकित्सा आपातकालीन सेवाएं।
  • बिजली और जलापूर्ति विभाग।
  • उद्यान, इंजीनियरिंग और रखरखाव टीमें।
  • प्रवर्तन और निरीक्षण दल।
  • कंट्रोल रूम और आपदा प्रबंधन विभाग।

ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा: एनडीएमसी केवल वर्क फ्रॉम होम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह ईको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट को भी बढ़ावा दे रही है:

  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रोत्साहन: कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
  • स्पेशल बसें: दूर रहने वाले कर्मचारियों की सुविधा के लिए एनडीएमसी कॉलोनियों से विशेष बस सेवा शुरू करने की योजना पर भी काम चल रहा है।
  • मेट्रो कार्ड और भत्ता: वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे दिल्ली मेट्रो कार्ड के माध्यम से यात्रा भत्ता देने की योजना बनाएं। इसके लिए जल्द ही डीएमआरसी और डीटीसी के अधिकारियों के साथ बैठक होगी।

एनडीएमसी का यह कदम आधुनिक कार्य संस्कृति और पर्यावरण सुरक्षा के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाने की कोशिश है, जो भविष्य में अन्य सरकारी विभागों के लिए एक मिसाल बन सकता है।

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