दुष्कर्म के बाद महिला को मेट्रो स्टेशन के पास फेंककर भाग गए आरोपी, रानीबाग इलाके की है घटना, आरोपी चालक और हेल्पर गिरफ्तार
देश की राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली के रानी बाग इलाके में एक चलती स्लीपर बस के भीतर 30 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस को जब्त कर लिया है और दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता अपने पति और दो बच्चों के साथ पीतमपुरा इलाके में रहती है। वह मंगोलपुरी की एक फैक्ट्री में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है, क्योंकि उसके पति टीबी की बीमारी से जूझ रहे हैं। सोमवार रात जब वह अपनी ड्यूटी खत्म कर घर लौट रही थी, तभी यह खौफनाक घटना घटी:

- अपहरण: महिला सरस्वती विहार इलाके में बस का इंतज़ार कर रही थी। तभी वहां एक स्लीपर बस रुकी। महिला ने दरवाजे पर खड़े शख्स से समय पूछा, लेकिन मदद के बजाय आरोपी ने उसे जबरन बस के अंदर खींच लिया।
- दरिंदगी: बस के अंदर चालक और हेल्पर ने चलती गाड़ी में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
- फेंक कर फरार: वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने पीड़िता को नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास चलती बस से बाहर फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही रानी बाग थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाई। पीड़िता को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसकी मेडिकल जांच कराई गई।

- सीसीटीवी से मिला सुराग: पुलिस ने घटना वाले रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में पता चला कि यह स्लीपर बस दिल्ली और बिहार के बीच चलती है।
- जब्ती और गिरफ्तारी: पुलिस ने बस की पहचान कर उसे कब्जे में ले लिया। मंगलवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी बस चालक और उसके हेल्पर को दबोच लिया गया।
- कानूनी प्रक्रिया: आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (एफ़आईआर) दर्ज की गई है और उन्हें अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया “मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच दल गठित कए दिए गए थे। सीसीटीवी और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की छानबीन जारी है।”






