
राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ताजा संशोधन के बाद सीएनजी की कीमत 83 रुपये के पार पहुंच गई है। दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में सीएनजी 83.09 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। गौर करने वाली बात यह है कि बीते 12 दिनों में यह चौथी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में महंगाई पहले से ही आम लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है। पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों से जूझ रही जनता को अब सीएनजी के बढ़ते दामों ने नई चिंता में डाल दिया है। कल तक दिल्ली में सीएनजी 81.09 रुपये प्रति किलो मिल रही थी, लेकिन ताजा बढ़ोतरी के बाद इसमें दो रुपये का इजाफा हो गया है। अब उपभोक्ताओं को 83.09 रुपये प्रति किलो की दर से सीएनजी खरीदनी पड़ेगी।

12 दिनों में चौथी बार बढ़ोतरी
सीएनजी की कीमतों में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 12 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है। इससे पहले 23 मई को भी सीएनजी के दाम में एक रुपये प्रति किलो की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद कीमत 80.09 रुपये से बढ़कर 81.09 रुपये हो गई थी। पूरे मई महीने में अब तक चार बार कीमतों में इजाफा हो चुका है, जिससे वाहन चालकों का बजट पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।
आम आदमी और परिवहन पर असर
सीएनजी की कीमत बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और सीएनजी से चलने वाले निजी वाहनों का किराया बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में सार्वजनिक परिवहन का बड़ा हिस्सा सीएनजी पर निर्भर है, इसलिए किराए में बढ़ोतरी की आशंका है। इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों का खर्च बढ़ जाएगा। इसके अलावा, माल ढुलाई की लागत भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवहन महंगा होने से फल, सब्जियां और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर हर घर के रसोई बजट पर पड़ेगा।
वैश्विक कारणों से बढ़ी कीमतें
ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां भी अहम भूमिका निभा रही हैं। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कई हफ्तों से जारी तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जिसका असर भारत में ईंधन कीमतों पर भी पड़ रहा है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला है, जिससे कई शहरों में दरें 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई सहित कई शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिली हैं।

कुल मिलाकर, सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के बजट को झटका दिया है और आने वाले समय में इसका असर परिवहन और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों पर साफ दिखाई दे सकता है।






