इंडिगो के एक पायलट ने बांबे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर उड़ान के दौरान कृपाण ले जाने की अनुमति मांगी है। उसने हाई कोर्ट से इस संबंध में केंद्र सरकार को निर्देश देने का भी अनुरोध किया है। पायलट अंगद सिंह ने नागपुर पीठ के समक्ष दायर याचिका में दावा किया है कि उन्हें संवैधानिक रूप से कृपाण ले जाने का अधिकार है। न्यायमूर्ति नितिन साम्ब्रे और न्यायमूर्ति अभय की खंडपीठ ने इस संबंध में केंद्र सरकार और एयरलाइन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी तय की है। कृपाण एक घुमावदार छोटा चाकू है। जो सिख धर्म में पांच प्रमुख अंगों में से एक है। पायलट अंगद सिंह ने दायर याचिका में दावा किया है कि उन्हें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के हिस्से के रूप में कृपाण ले जाने का अधिकार है।
वर्ष 2022 में जारी किए थे निर्देश
पायलट अंगद सिंह के वकील ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों में संशोधन की आवश्यकता है, 12 मार्च 2022 को सरकार ने सिख यात्रियों को एक विशेष आकार की कृपाण ले जाने की अनुमति के संबंध दिशा निर्देश जारी किए थे। याचिका में दावा किया गया है कि यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।




