संसद भवन की सुरक्षा में सेंध के मामले में आरोपियों के पकड़े जाने के बाद अब नया खुलासा हुआ है. संसद भवन में घुसकर प्रदर्शन करने के लिए आरोपी 7 स्मोक कैन लेकर पहुंचे थे। आरोपियों का मकसद बड़ा संदेश देना था. मास्टरमाइंड ललित झा के साथ ही सभी आरोपियों ने 3 प्लान बनाए थे, जिसमें एक प्लान संसद के बाहर प्रदर्शन करना था लेकिन इसको लेकर ललित झा ने कहा था कि इससे देश और मीडिया में बड़ा संदेश नहीं जाएगा इसलिए संसद के अंदर घुसपैठ करना चाहिए। पूछताछ में ये भी सामने आया है कि पकड़े गए आरोपियों ने इंटरनेट से बहुत सारी चीजें सीखी थी. इसमें संसद की सुरक्षा कैसी होती है, इसके लिए पुराने वीडियो देखे, कैसे सुरक्षित चैट्स की जा सकती है. यही वजह है कि सभी आरोपी सिग्नल एप पर बात करते थे ताकि पकड़े न जाएं.
अब तक की जांच में ललित खुद को इस पूरे मामले का मास्टमाइंड बता रहा है, जांच में ये भी सामने आया है कि ललित ने कई युवाओं को अपने सोशल मीडिया पेज के जरिए जोड़ा था और अपने मकसद के लिए उनका ब्रेन वॉश किया था। पकड़े जाने के बाद ललित ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि उसने अपना फोन दिल्ली-जयपुर बॉर्डर के पास फेंक दिया था और अन्य आरोपियों के फोन नष्ट कर दिए थे। वहीं इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि मास्टरमाइंड ललित ने खुलासा किया कि वे लोग देश में अराजकता पैदा करना चाहते थे, ताकि वे सरकार को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर कर सकें. पुलिस पूछताछ में ललित ने इस मामले में अपनी संलिप्तता का खुलासा किया है. उसने बताया कि वह कैसे पूरे मामले का मास्टरमाइंड बना है।





