इंटरनेट एक ऐसी सुविधा है जिसके कारण मनुष्य एवं कंपनियां दुनिया के एक छोर से दूसरे छोर तक बहुत ही आसानी से पहुंच सकती है । आज इंटरनेट माध्यम से हमलोग कोई भी समान जैसे फल वस्तु कुछ भी घर बैठे मंगवा सकते हैं । सामाजिक नेटवर्किंग, ऑनलाइन खरीद, जानकारी, ऑनलाइन पढ़ाई आज सब कुछ इंटरनेट माध्यम हमारे पास घर बैठे ही उपलब्ध है । इतनी सुविधायें होने के कारण साइबर क्राइम का होना भी स्वाभाविक बन चुका है। इसी कारणवश हमें साइबर सुरक्षा की आवश्यकता है । साइबर सुरक्षा एक ऐसी तरह की सुरक्षा है जो इंटरनेट से जुड़े हुए सिस्टम्स में की जाती है। इसमें सिस्टम की हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, एवं डाटा को साइबर अपराध से बचाने का कार्य किया भी किया जाता है। दुनिया में साइबर संबंधित क्राइम बढ़ने के कारण साइबर सुरक्षा को प्रयोग में लाया जाता है। साइबर सुरक्षा और सुरक्षा फोर्स दोनों डाटा की सुरक्षा के लिए रखे जाते हैं जिससे किसी भी प्रकार के डाटा की चोरी न की जा सके एवं सभी प्रकार की फाइलें और डॉक्युमेंट्स सुरक्षित रहें। बड़े से बड़े कंप्यूटर विशेषज्ञ और आईटी के लोग इस कार्य को करने में सक्षम होते हैं ।
साइबर सुरक्षा के तत्व:
कई तरह से लोगों के डाटा को सुरक्षित रखा जा सके। इनमें से कुछ प्रमुख हैं :
- एप्लिकेशन सुरक्षा
- जानकारी सुरक्षा
- नेटवर्क सुरक्षा
- आपातकालीन सुरक्षा
- ऑपरेशनल सुरक्षा
- एंड यूजर सुरक्षा
- मोबाइल सुरक्षा
- क्लाउड सुरक्षा
साइबर सुरक्षा में कई बार खतरा इसलिए भी रहता है क्योंकि नेटवर्क कनेक्शन और इंटरनेट काफी जल्दी तरीके से दुनिया में बढ़ता जा रहा है जिससे साइबर सिक्योरिटी और भी आवश्यक हो गई है । इस तरह की गतिविधियों से निपटने लिए सरकार ने इस दिशा में बहुत सारे कदम उठाए हैं । साइबर सुरक्षा के लिए काफी देशों द्वारा पुख़्ता पूंजी प्रयोग किया जा रहा है, जिससे कि उन देशों का निजी डाटा लीक न हो और सारी जानकारी पूर्ण रूप से सुरक्षित रहे ।
साइबर सुरक्षा पर हमलों के प्रकार:
बदलती तकनीक की वजह से हमारी सुरक्षा और थ्रेट इंटेलिजेंस हमारे लिए काफी जोखिम भरा कार्य हो गया है । हालांकि साइबर धमकियों से हमें अपनी खुद की जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद आवश्यक कार्य है। सरकार द्वारा लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए कुछ निर्देश दिए गए हैं।
- कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं को एंटी वायरस के सॉफ्टवेयर जैसे McAfee और Norton एंटी वायरस के रूप में होना चाहिए।
- साइबर विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि हमें खरीदारी केवल सुरक्षित वेबसाइट्स से ही करनी चाहिए। अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड की जानकारी किसी भी संदिग्ध या अजनबी वेबसाइट पर कभी ना दें ।
- उपयोगकर्ताओं को अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड पर एक मजबूत पासवर्ड देना चाहिए , जैसे कि संख्या एवं अक्षरों वाले रखने चाहिये, लगातार लॉगिन कर पासवर्ड भी बदलते रहना चाहिए।
- बच्चों पर नजर रखें , एवं उनके इंटरनेट इस्तेमाल को सीमित रखें ।
- फेसबुक, यू-ट्युब, ट्विटर, आदि की सुरक्षा सैटिंग्स की जानकारी रखें, एवम् सावधान रहें ।
- हैकिंग से बचने लिए जानकारी सुरक्षित रखें। अधिकांश संवेदनशील फाइलों या वित्तीय रिकॉर्ड के लिए इनक्रिप्शन का उपयोग करें, सभी महत्वपूर्ण जानकारी लिए जरूरी बैकअप बनाएं, और इसे किसी अन्य स्थान पर एकत्र कर लें।
- उपयोगकर्ताओं को सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट उपयोग करने के समय सचेत होना चाहिए। अनजान नेटवर्क पर वित्तीय लेन-देन से बचें।
- उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट पर नाम, पता , फोन नंबर आदि व्यक्तिगत जानकारी देते समय सावधान रहना चाहिए। सुनिश्चित करें वेबसाइट सुरक्षित हैं ।
- अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से पहले सभी चीज़ों का बुद्धिमत्ता से आंकलन करना चाहिए। इनबॉक्स में भी ऐसी ई-मेल ना खोलें । संदेश के स्रोत की जांच करें । कोई संदेह हो तो स्रोत का सत्यापन करें।
- कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं को हैकर्स से अपनी कंप्यूटर की सुरक्षा लिए फायरवॉल इस्तेमाल करना चाहिए ।
साइबर सुरक्षा हमलों प्रकार :
बदलती तकनीक की वजह से हमारी सुरक्षा और ग्रेट इंटेलिजेंस हमारे लिए काफी चुनौती से भरा कार्य हो गया है। हालांकि साइबर धमकियों से बचने के लिए हमें जानकारी को सुरक्षित रखना काफी जरूरी है।
- रंसोमवेयर : यह एक तरह का वायरस होता है, ये अपराधियों द्वारा लोगों के कंप्यूटर और सिस्टमों में हमला करने लिए काम में आता है। यह कंप्यूटर में पडी फाइलों को काफी नुकसान पहुंचता है।
- मलवेयर : यह कंप्यूटर की किसी फाइल या फिर प्रोग्राम को नुक्सान पहुंचाने कार्य करती है जैसे कि कंप्यूटर वायरस, ट्रोजन आदि
- सोशल इंजीनियरिंग : यह तरीका मनुष्य के वार्तालाप निर्भर करता है । जिससे कि बडी चालाकी से लोगो को जाल में फंसाया जा सके और उनसे उनका निजी डाटा , पासवर्ड आदि निकलवाया जा सके। इसकी वजह लोगों को काफी खतरा है इसलिए जिस किसी से भी बात करें काफी सोच समझ कर करें।
- फिशिंग : यह इस तरह के फ्रॉड में लोगों को ऐसे ई-मेल किए जाते हैं, जिससे कि उन्हें यह लगे कि यह मेल किसी अच्छी संस्था से आई है । इस तरह के मेल का मकसद जरूरी डाटा चुराना होता है जैसे क्रेडिट कार्ड जानकारी या फिर लाग इन जानकारी ।
साइबर सुरक्षा के फ़ायदे :
साइबर सुरक्षा इसलिए जरूरी है क्योंकि सरकार, मिलिट्री, कॉरपोरेट, फाइनेंशियल और मेडिकल संस्थायें काफी तरह के डाटा को एकत्र करते है करता है और उसे अपने सिस्टम, कंप्यूटर और अन्य उपकरणों में रखते है । इस डाटा का कुछ भाग काफी महत्वपूर्ण भी हो सकता है जिसकी चोरी की वजह से निजी जीवन पर गहरा प्रभाव पर सकता है और इससे उस संस्था की सारी इमेज ख़राब हो सकती है। साइबर सुरक्षा की मदद से डाटा सुरक्षित रखा जाता है । जैसे-जैसे डाटा बढ़ता जाता है, सुरक्षा को और बढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है । साइबर सुरक्षा की मदद से हम धमकियों से बच सकते हैं । किसी संस्था में जब नेटवर्क की अच्छे तरह से सुरक्षा होती है, तो मुश्किल से बचने के तरीके होते हैं यह सब साइबर सिक्योरिटी की मदद से ही मुमकिन हो पाता है । उदाहरण के लिए काफी तरह के एंटी वायरस हमें इनसे सुरक्षा दिलाते है ।
साइबर सुरक्षा में नौकरियां :
जिस गति से आज साइबर क्राइम बढ़ रहा है, उससे साइबर सुरक्षा में सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की आवश्यकता बढ़ती जा रही है । आंकड़ों के अनुसार पूरे विश्व में करीबन 1 मिलियन नौकरियां खाली पडी हुई हैं। जिनमे आई टी प्रोफेशनल और कंप्यूटर की अच्छी जानकारी रखने वाले लोगों की आवश्यकता है।





