खुद के ओएसडी द्वारा लगाए गए आरोपों पर गहलोत ने कहा, कि चुनावी माहौल है…

खुद के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा के आरोपों का जवाब देते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि चुनावी माहौल है। कौन क्या कह रहा है इसकी चिंता किए बिना सच्चाई पर जाना चाहिए।
गहलोत सरकार में OSD रहे लोकेश शर्मा ने 24 अप्रैल को प्रेस कांफ्रेंस कर पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर फोन टैपिंग कराने के गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान शर्मा ने कहा कि अशोक गहलोत ने सचिन पायलट खेमे के विधायकों के फोन टैप कराए, बाद में उन्होंने ही मीडिया के सामने ऑडियो जारी कराया। अब इस पूरे मामले पर अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जोधपुर दौरे पर आए गहलोत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावी माहौल है। ऐसे में कौन क्या बोल रहा है उसकी चिंता नहीं करनी चाहिए। सच्चाई पर जाना चाहिए। उन्होंने इसे चुनावी हथकंडे बताया और कहा कि ओएसडी ने क्या खुलासा किया है मुझे नहीं पता है।
मोदी ने गहलोत सरकार पर साधा निशाना
दरअसल, उत्तर प्रदेश के बरेली एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने लोकेश शर्मा का नाम लिए बगैर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में पेपर लीक होते थे, अब उसका खुद का ही पेपर लीक हो गया है। पीएम ने आगे कहा कि राजस्थान में कांग्रेस के अपने ही लोगों ने बड़े खुलासे किए हैं। गहलोत सरकार स्वयं पेपर लीक मामले में शामिल थी। पूर्व सीएम गहलोत के एक करीबी ने गहलोत सरकार पर सार्वजनिक रूप से पेपर लीक को लेकर बड़ा खुलासा किया। लेकिन, कांग्रेस ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। कांग्रेस नेताओं के मुंह पर ताला लगा हुआ है।
पेपर लीक पर पीएम मोदी के कांग्रेस पर हमला करने के मुद्दे पर अशोक गहलोत ने कहा, क्या पीएम मोदी के पास कोई सबूत है? वह बड़े पद पर हैं। उनके पास कुछ सबूत तो होना ही चाहिए उसके बाद ही कुछ कहना चाहिए। लेकिन वह बिना सबूत के कुछ भी कह रहे हैं। गहलोत ने कहा, “चुनाव जीतने के लिए कुछ भी बोल देते हैं…राजस्थान में ऐसा पहली बार हुआ होगा जब छात्रों के लिए परिवहन, आवास, भोजन की व्यवस्था की गई…उत्तर प्रदेश और गुजरात में पेपर लीक के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। प्रधानमंत्री को इस बारे में क्या कहना है” अशोक गहलोत ने कहा कि कई राज्यों में पेपर लीक हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा पेपर लीक के मामले सामने आए हैं लेकिन पीएम ने इस पर कुछ नहीं कहा। गुजरात, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश सभी राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं।

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