मोदी, शाह से लेकर खरगे, राहुल तक ने मतदाताओं से की अपील-विकास के लिए करें मतदान

प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत शुक्रवार को जारी मतदान के बीच मतदाताओं से अपील की कि वे संविधान बचाने और समावेशी विकास के लिए अपने वोट का इस्तेमाल करें। राहुल गांधी ने लोगों से अपील की कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने घरों से ‘‘संविधान के सिपाही” बनकर बाहर निकलें। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 13 राज्य की 88 सीट पर शुक्रवार सुबह सात बजे से मतदान जारी हैं।
लोकसभा चुनाव सात चरण में होने हैं और मतगणना चार जून को होगी। दूसरे चरण में केरल की सभी 20 सीट के अलावा कर्नाटक की 28 में से 14 सीट, राजस्थान की 13 सीट, महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश की आठ-आठ सीट, मध्य प्रदेश की छह सीट, असम एवं बिहार की पांच-पांच सीट, छत्तीसगढ़ एवं पश्चिम बंगाल की तीन-तीन सीट और मणिपुर, त्रिपुरा एवं जम्मू-कश्मीर में एक-एक सीट पर मतदान हो रहा है। खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ” ‘हम, भारत के लोग’-भारत के संविधान की यह आत्मा मतदान के लिए बटन दबाने से पहले आपके दिल और दिमाग में गूंजनी चाहिए। यह मत भूलिए कि यह कोई सामान्य चुनाव नहीं है। यह लोकतंत्र को तानाशाही के चंगुल से बचाने का चुनाव है।” उन्होंने मतदाताओं से कहा, ‘‘….किसी भी ध्यान भटकाने वाली रणनीति और झूठ से प्रभावित न हों।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “अपने वोट को हमेशा महत्व दें, क्योंकि यह 140 करोड़ भारतीयों के जीवन में बदलाव ला सकता है।” खरगे ने कांग्रेस के पांच ‘न्याय’ स्तंभों – युवा न्याय, नारी न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय का उल्लेख करते हुए कहा, “एक ऐसे भविष्य की कल्पना करें जहां न्याय, स्वतंत्रता, समानता और स्वतंत्रता की गारंटी हो। एक ऐसा भविष्य जहां तीव्र समावेशी विकास और परिवर्तनकारी नीतियों की गारंटी हो।” राहुल गांधी ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मेरे प्यारे देशवासियों! देश की तकदीर का फैसला करने जा रहे इस ऐतिहासिक चुनाव का आज दूसरा चरण है। आपका वोट तय करेगा कि अगली सरकार ‘चंद अरबपतियों’ की होगी या ‘140 करोड़ हिंदुस्तानियों’ की।” उन्होंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह आज घर से बाहर निकले और ‘‘संविधान का सिपाही” बन कर लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोट करे।

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