केजरीवाल के स्वास्थ्य को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेगा इंडिया गठबंधन

तिहाड़ जेल में केजरीवाल के कथित तौर पर गिरते स्वास्थ्य को लेकर बयानबाजी जारी है. केंद्र के रवैये के खिलाफ और केजरीवाल के समर्थन में 30 जुलाई को इंडिया गठबंधन जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेगा.
दिल्ली शराब घोटाले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सेहत ठीक नहीं है. यह आरोप बीते कुछ दिनों से आम आदमी पार्टी के नेता लगा रहे हैं. अब आप नेताओं को विपक्षी दलों का भी साथ मिलने लगा है. केजरीवाल के गिरते स्वास्थ को लेकर विपक्ष एकजुट होकर प्रदर्शन करने की तैयारी में है. जानकारी के अनुसार, जंतर मंतर पर 30 जुलाई को इंडिया गठबंधन प्रदर्शन करेगा.
मंगलवार शाम इंडिया गठबंधन की हुई बैठक में भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की खराब सेहत को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने चिंता जताई थी. गठबंधन इसको लेकर ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी करेगा. बीते एक सप्ताह से केजरीवाल की सेहत को लेकर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. मंत्री आरोप लगा रहे थे कि केजरीवाल का वजन लगातार काम हो रहा है. इसकी जांच होनी चाहिए. वहीं, 19 जुलाई को उपराज्यपाल के प्रधान सचिव अश्विनी कुमार ने मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर कहा कि केजरीवाल जेल में डाइट चार्ट का पालन नहीं कर रहे हैं.
आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह का कहना है कि जेल में अब तक केजरीवाल का शुगर लेवल 36 बार 50 से नीचे आ चुका है. ऐसे में वह कोमा में जा सकते हैं. सरकार उनकी जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है. लोअर कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी थी, लेकिन केंद्र के इशारे पर ईडी ने हाईकोर्ट से उस पर स्टे ले लिया और फिर सीबीआई से उनके खिलाफ एक फर्जी केस दर्ज करा दिया गया. इसलिए यह मामला केवल गिरफ्तारी भर का नहीं है, बल्कि केजरीवाल को जेल में जान से मारने की गहरी साजिश का है. 13 जुलाई को भी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि तिहाड़ जेल में केजरीवाल के साथ हमला हो जाए, कुछ षडयंत्र हो जाए इसलिए उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है. केजरीवाल 21 मार्च को जेल गए थे तब उनका वजन 70 किलो था, अब वजन 8.5 किलो घटकर 61.5 किलो हो गया है. इसका कारण पता नहीं. हालांकि, इसके बाद तिहाड़ जेल प्रशासन ने सफाई देते हुए AAP नेताओं के आरोप का खंडन किया था. और कहा था कि जब से वह तिहाड़ जेल आये हैं सिर्फ 2 किलो वजन कम हुआ है. वहीं आप नेता संदीप पाठक ने कहा है कि कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के सभी दल इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि सभी घटक दलों ने विचार किया और ये आम सहमति बनी है कि सवाल किसी एक पार्टी या एक व्यक्ति का नहीं है, देश और और देश की व्यवस्था का है, जिसको एक व्यक्ति की मर्जी पर नहीं छोड़ा जा सकता. इसलिए 30 जुलाई को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन होगा और इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों ने सैद्धांतिक तौर पर इसमें शामिल होने पर सहमति जताई है.

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