राजस्थान में घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग के बदलते तरीके खाद्य आपूर्ति विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद, इस पर पूरी तरह से काबू पाना मुश्किल साबित हो रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए विभाग ने एक बार फिर से प्रदेशव्यापी अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। बताया जा रहा है कि यह अभियान इस महीने के पहले सप्ताह से शुरू किया जाएगा। खाद्य आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने इस बात के संकेत दिए हैं। अभियान के संबंध में सभी जिला रसद अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं। हर जिले में अलग-अलग टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अवैध रिफिलिंग के खिलाफ हर साल अभियान चलाया जाता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के कारण विभाग को ज्यादा सफलता नहीं मिल पाती। पिछले साल राजस्थान में अवैध रिफिलिंग के 115 मामलों पर कार्रवाई की गई थी।
दरअसल, घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग पर लगाम लगाना इसलिए भी कठिन हो रहा है, क्योंकि अब यह काम बाजारों और दुकानों के बजाय घरों के अंदर होने लगा है। आमतौर पर दो से पांच किलो तक के गैस सिलेंडर रिफिल किए जाते हैं। अभियान के दौरान टीमें सिर्फ बाजारों और दुकानों तक ही सीमित रह जाती हैं, जबकि घरों में हो रही रिफिलिंग की जानकारी विभाग को नहीं मिल पाती। इस बार अभियान के दौरान अवैध रिफिलिंग की सटीक जानकारी जुटाने के लिए विभाग गुप्तचर प्रणाली अपनाने पर विचार कर रहा है। जिन घरों में रिफिलिंग हो रही है, उनकी सूचना देने वालों को पुरस्कार देने की भी योजना है। घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग के कारण कई बार बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें जान-माल का नुकसान हुआ है। इसी वजह से विभाग हर साल इस तरह की रिफिलिंग के खिलाफ अभियान चलाता है। कार्रवाई के दौरान रिफिलिंग करते पाए जाने पर गैस सिलेंडर और अन्य उपकरण जप्त कर लिए जाते हैं।
“हम जल्द ही घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग के खिलाफ अभियान शुरू कर रहे हैं। इस बार अवैध रिफिलिंग पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए कुछ नए प्रयोग किए जाएंगे।” – सुमित गोदारा, मंत्री खाद्य आपूर्ति विभाग
राजस्थान में घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग के खिलाफ अभियान शुरू होगा-खाद्य मंत्री






