न्यूयॉर्क के मंदिर में तोड़फोड़, भारतीय दूतावास ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की

अमेरिका के न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने मेलविले स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में हुई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस घटना को अस्वीकार्य बताया और इसे अमेरिकी कानून प्रवर्तन अधिकारियों के समक्ष उठाया, साथ ही अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, हिंदू-अमेरिकी फाउंडेशन ने अमेरिकी न्याय विभाग से इस मामले की जांच कराने का आग्रह किया।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस घटना पर अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “न्यूयॉर्क के मेलविले में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में हुई तोड़फोड़ की घटना अस्वीकार्य है। भारतीय महावाणिज्य दूतावास इस मामले में समुदाय के संपर्क में है और इसे अमेरिकी कानून प्रवर्तन अधिकारियों के समक्ष उठाएगा, साथ ही अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।”
हिंदू-अमेरिकी फाउंडेशन ने अपने एक पोस्ट में कहा, “मेलविले में हिंदू मंदिर और हिंदू संस्थाओं को हाल ही में मिली धमकियों के बाद इस सप्ताह के अंत में नासाउ काउंटी में एक बड़े भारतीय समुदाय के जमावड़े की योजना है।” इस मामले से जुड़ी एक और घटना में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारतीय समुदाय और संस्थाओं को धमकाते हुए एक वीडियो जारी किया था। न्यूयॉर्क में मंदिर में तोड़फोड़ की यह घटना कैलिफोर्निया और कनाडा में हुई घटनाओं के समान है। हिंदू-अमेरिकी फाउंडेशन ने कहा कि सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत पन्नू ने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट कर हिंदू और भारतीय संस्थाओं, जिनमें एचएएफ भी शामिल है, को धमकी दी थी। यह घटना न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और कनाडा में मंदिरों पर हुए हमलों से मेल खाती है।
जुलाई में कनाडा में भी बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी। कनाडाई सांसद चंद्र आर्य ने हिंदू-कनाडाई समुदायों के खिलाफ बढ़ रही नफरत और हिंसा पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से ग्रेटर टोरंटो क्षेत्र, ब्रिटिश कोलंबिया और कनाडा के अन्य हिस्सों में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया है।

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