देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन ठगों ने एक रेलवे अधिकारी से रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर अधिकारी को धोखे में फंसाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी के बैंक खाते का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा है। पीटीआई के अनुसार, अधिकारी को एक स्कैमर के सामने पेश किया गया जिसने खुद को ‘जज’ बताकर उसे अपराध के लिए ‘सजा’ के रूप में एक खास बैंक खाते में पैसे जमा करने को कहा। 59 वर्षीय पीड़ित मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस में प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और दक्षिण मुंबई के कोलाबा में रहते हैं।
पुलिस के मुताबिक, घटना सोमवार को तब हुई जब अधिकारी को एक वॉयस मैसेज मिला जिसमें उनके मोबाइल नंबर को दो घंटे के भीतर ब्लॉक करने की धमकी दी गई और आगे की पूछताछ के लिए ‘0’ डायल करने को कहा गया। पीड़ित ने ‘0’ दबाया, जिससे एक वीडियो कॉल एक्टिव हो गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और कहा कि वह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच कर रहा है, क्योंकि अधिकारी का मोबाइल नंबर एक ऐसे बैंक खाते से जुड़ा हुआ है जिसका उपयोग घोटाले में किया गया था।
पीड़ित ने ठगों को बताया कि उसके पास दूसरा मोबाइल नंबर नहीं है, लेकिन ठगों ने उसे यकीन दिलाया कि उसके नाम पर एक और मोबाइल नंबर रजिस्टर है और वह 58 लाख रुपये की लूट में इस्तेमाल हुए बैंक खाते से जुड़ा हुआ है। पीड़ित ऑफिस में काम करते हुए वीडियो कॉल पर बात करता रहा, लेकिन स्कैमर्स ने उसे घर जाने को कहा क्योंकि सीबीआई अधिकारी उसकी जांच करना चाहते थे। अधिकारी घर लौट आया और सोमवार को दोपहर 2 बजे फिर से वीडियो कॉल शुरू की गई।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “इस दौरान ठगों ने अधिकारी की पारिवारिक पृष्ठभूमि, वित्तीय स्थिति और संपत्ति की सारी जानकारी जुटा ली। इसके बाद उन्होंने कहा कि अधिकारी को ऑनलाइन कोर्ट में पेश किया जाएगा और जज मामले का निपटारा करेंगे।” मंगलवार सुबह 9.30 बजे तक लगभग 20 घंटे तक कॉल जारी रही, जिसमें ‘जज’ ने अधिकारी को बताया कि सीबीआई को उसके अन्य बैंक खातों में अनधिकृत ट्रांजेक्शन मिले हैं। अपराध के दंड स्वरूप उसे 7 लाख रुपये ठगों द्वारा बताए गए खाते में जमा करने के लिए कहा गया। पीड़ित ने RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर कर दिए, लेकिन बाद में उसे अहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गया है। उसने तुरंत बैंक मैनेजर से संपर्क कर ट्रांसफर रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक ट्रांजेक्शन पूरा हो चुका था। पीड़ित ने कोलाबा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
मुंबई में सीबीआई अधिकारी बनकर रेलवे अधिकारी से 7 लाख रुपये की ठगी



