एक्सप्रेस-वे पर चलती बस में सो रही युवती से छेड़छाड़, सहायक चालक गिरफ्तार

पीड़िता लखनऊ की रहने वाली है और वह स्लीपर बस से दिल्ली से लखनऊ जा रही थी। यह घटना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रात तीन बजे की है। पीड़िता के अनुसार, वह निजी ट्रैवल्स कंपनी की स्लीपर बस से अकेली सफर कर रही थी। बस में दो ड्राइवर थे। रात करीब तीन बजे, जब वह अपनी सीट पर सो रही थी, तभी बस का सहायक चालक उसके पास आकर बैठ गया और अश्लील हरकतें करने लगा। उसने शोर मचाया, जिससे बस के अन्य यात्री जाग गए, लेकिन दूसरे चालक ने बस नहीं रोकी। पीड़िता ने 112 पर पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने बस का पीछा किया और सौरिख कट पर बस को रोककर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, घटना इटावा जिले के अंतर्गत हुई, लेकिन बस को सौरिख क्षेत्र में पकड़ा गया। उसी रात थानाध्यक्ष दिग्विजय सिंह मौके पर पहुंचे और आरोपी रिजवान, जो गोंडा जिले के थाना कोतवाली देहात के भदौलिया गांव का निवासी है, को पकड़कर थाने ले आए। पुलिस ने बस के मालिक से बात करके अन्य यात्रियों को लेकर बस को रवाना कर दिया। पीड़िता के परिवार वाले भी सुबह थाने पहुंचे और घटना की तहरीर दी। पुलिस ने छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी सहायक चालक को जेल भेजा जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर रात में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
20 किलोमीटर पीछा कर पुलिस ने बस को पकड़ा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर जब स्लीपर बस में युवती के साथ छेड़छाड़ की सूचना पुलिस की पीआरवी 112 को मिली, तो पुलिसकर्मियों ने तुरंत बस का पीछा किया। कई किलोमीटर पीछा करने के बाद भी बस पकड़ में नहीं आई, तो उन्होंने आगे सौरिख कट पर खड़ी पीआरवी को बस का नंबर नोट करवा दिया। वहां पुलिस ने बस को रोककर चालक को गिरफ्तार कर लिया और थाने भेज दिया। जब दिल्ली से लखनऊ जा रही युवती के साथ सहायक चालक रिजवान ने छेड़खानी की, तो उसने शोर मचाया, जिससे अन्य यात्री जाग गए और विरोध करने लगे। पीड़िता ने तुरंत डायल 112 पर कॉल की, जिससे जीपीएस लोकेशन के आधार पर कॉल इटावा जनपद की पीआरवी के पास पहुंची। इटावा जिले के थाना ऊसराहार की पीआरवी ने बस का पीछा किया, लेकिन तब तक बस कन्नौज जिले के सौरिख थाना क्षेत्र की सीमा में प्रवेश कर चुकी थी। इटावा की पीआरवी ने सौरिख थाना क्षेत्र की पीआरवी को सूचना दी। बस के आने से पहले ही पुलिसकर्मी कट पर पहुंच गए और तेजी से आ रही बस को रोक लिया। युवती की पहचान के आधार पर पुलिस ने सहायक चालक रिजवान को गिरफ्तार कर लिया और थाने भेज दिया। इसके बाद बस को लखनऊ के लिए रवाना कर दिया गया। पीड़िता भी थाने पहुंची और उसने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई।
स्लीपर बस नोएडा से पटना जा रही थी पुलिस के अनुसार, स्लीपर बस वैशाली ट्रैवल्स पटना की है, जो नोएडा से यात्रियों को लेकर लखनऊ के रास्ते पटना जा रही थी। बस में करीब 60 यात्री थे। जब पुलिस पीड़िता के पास पहुंची, तो वह फूट-फूटकर रोने लगी और अपनी आपबीती सुनाई। सुबह होते ही उसके परिजन भी थाने पहुंच गए थे।
एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बसों की चेकिंग नहीं होती आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर रात में लगभग 100 स्लीपर बसें दिल्ली और अन्य शहरों के लिए चलती हैं। इन बसों की रात में कोई चेकिंग नहीं होती। एआरटीओ इज्या तिवारी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर कोई चेकिंग प्वाइंट नहीं है और रेसिंग लेन पर चेकिंग संभव नहीं है। ज्यादातर बसों में पैनिक बटन भी नहीं लगे हैं। इन सभी बसों की दोबारा फिटनेस जांच होनी चाहिए और लंबी दूरी की स्लीपर बसों में कैमरे भी लगाए जाने चाहिए।

विशिखा मीडिया

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