आगरा में एक महिला शिक्षक के हार्ट अटैक से निधन के बाद उनका परिवार सदमे में है। शिक्षक को चार घंटे तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया था। महिला को कई कॉल आईं, जिनमें कहा गया कि उनकी बेटी किसी गलत काम में फंस गई है। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर 1 लाख रुपये की मांग की। महिला के बेटे ने अपनी मां को समझाया कि यह एक फर्जी कॉल है, लेकिन वह फिर भी सदमे से बाहर नहीं आ सकीं।
यह घटना 30 सितंबर को आगरा में हुई, जहां 58 वर्षीय शिक्षिका मालती वर्मा को एक फर्जी वॉट्सएप कॉल मिली। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उनकी बेटी गलत काम में फंस गई है और उसे बचाने के लिए 1 लाख रुपये भेजने होंगे। मालती वर्मा ने घबराकर अपने बेटे दिव्यांशु से संपर्क किया और पैसे भेजने की बात कही। कॉल के दौरान ठग ने पुलिस अधिकारी की वर्दी पहने एक डीपी का इस्तेमाल कर मालती को और डराया। उसने धमकी दी कि अगर तुरंत पैसे नहीं भेजे गए, तो उनकी बेटी की वीडियो वायरल कर दी जाएगी और उसे जेल में डाल दिया जाएगा। दिव्यांशु ने कॉलर का नंबर देखा और पहचान लिया कि यह एक फर्जी कॉल है, क्योंकि नंबर पाकिस्तानी कोड से शुरू हो रहा था।
यूपी: चार घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रही महिला टीचर की हार्ट अटैक से मौत





