सीबीआई, ईडी और पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डिजिटल रूप से गिरफ्तार करने वाले एक गिरोह पर आगरा की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकंजा कसा है। इस गिरोह के मास्टरमाइंड सोहेल अकरम समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सोहेल ने चेन्नई की एसआरएम यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है और वह कॉलेज का टॉपर रह चुका है। अकरम दिल्ली और गुरुग्राम में कंपनियाँ खोलकर इस गिरोह को चला रहा था। यह लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते और सिम कार्ड लेकर धोखाधड़ी करते थे। फर्जी खातों में रकम ट्रांसफर करने के बाद उसे निकाल लिया जाता था। पिछले चार महीनों में ये लोग करीब 4 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि 13 अगस्त को फतेहाबाद मार्ग स्थित राज अपार्टमेंट के निवासी और रेलवे के सेवानिवृत्त मुख्य टिकट निरीक्षक नईम बेग को डिजिटल रूप से गिरफ्तार किया गया था। मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स ट्रैफिकिंग का झूठा मामला बताकर उनसे 15 लाख रुपये ठगे गए थे। एसीपी हरीपर्वत आदित्य सिंह की नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की और गुरुवार को सिकंदरा के फैक्टरी क्षेत्र से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें दिल्ली के दरियागंज निवासी मोहम्मद राजा रफीक, बागपत के पारस विहार कॉलोनी निवासी मोहम्मद दानिश, उनका भाई मोहम्मद कादिर और असम के करीमगंज निवासी मोहम्मद सोहेल शामिल हैं। सोहेल इस गिरोह का मास्टरमाइंड है।
पुलिस जांच में पता चला कि जिस खाते में 15 लाख रुपये जमा कराए गए थे, उसमें 24 घंटों के भीतर 2.70 करोड़ रुपये जमा किए गए और बाद में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। पुलिस ने इन खातों की जानकारी निकाली, जिनमें से अधिकांश बंद कर दिए गए थे। ये खाते मजदूर वर्ग के लोगों को पैसे का लालच देकर खुलवाए गए थे और फर्जी आईडी से सिम कार्ड भी लिए गए थे। इन सिम कार्डों का उपयोग व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर कॉल करने के लिए किया जाता था, और लोगों को डराकर उनसे पैसे ऐंठे जाते थे।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनके साथ विवेक कुमार सिंह, गौरव शर्मा और महेश शिंदे भी जुड़े हुए हैं। इस गिरोह के प्रत्येक सदस्य का अलग-अलग काम था, जैसे खाते खुलवाना, एटीएम कार्ड और चेक बुक का प्रबंध करना, और नकदी निकालना। वे अब तक करीब 4 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी इकट्ठा कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 1 लैपटॉप, 1 मैकबुक, 2 कीपैड मोबाइल, 5 स्मार्टफोन, 2 आईफोन, और फर्जी नियुक्ति पत्र और गिरफ्तारी प्रपत्र बरामद हुए हैं।
डिजिटल अरेस्ट का मास्टरमाइंड बीटेक टॉपर, गुरुग्राम से चलाता था गैंग






