रेलवे छठ और दिवाली पर चलाएगा स्पेशल ट्रेनें

आज गुरुवार को कैबिनेट बैठक में इस निर्णय को मंजूरी दी गई। केंद्रीय रेल और सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि विशेष ट्रेनों के संचालन से प्रतिदिन दो लाख यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे त्यौहार के दौरान यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 7,000 दिवाली और छठ विशेष ट्रेनें चलाएगा। गुरुवार की कैबिनेट बैठक में इस फैसले को मंजूरी मिली। केंद्रीय रेल और सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस कदम से रोजाना दो लाख यात्रियों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही बैठक में दो महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पहली परियोजना के तहत अमरावती के लिए एक नई रेलवे लाइन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए कृष्णा नदी पर 3.2 किलोमीटर लंबा नया रेलवे पुल बनाया जाएगा, जो अमरावती को हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता और नागपुर से जोड़ेगा। वहीं, उत्तर बिहार को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने के लिए नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर रेलवे लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। 4,553 करोड़ रुपये की लागत से 256 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन का दोहरीकरण होगा, जिससे उत्तर प्रदेश और उत्तर बिहार को लाभ मिलेगा।
केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर खंड के दोहरीकरण से नेपाल, पूर्वोत्तर भारत और सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही में सुगमता आएगी। 57 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन एर्रुपलेम-अमरावती-नंबुरु, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और गुंटूर जिलों तथा तेलंगाना के खम्मम जिले से होकर गुजरेगी। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार के आठ जिलों को कवर करने वाली 6,798 करोड़ रुपये की इन रेल परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क में 313 किलोमीटर की वृद्धि होगी। साथ ही नौ नए स्टेशनों के निर्माण से 168 गांवों और लगभग 12 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा 31 मिलियन टन प्रति वर्ष का अतिरिक्त माल यातायात भी होगा। रेलवे के अनुसार, नई लाइन प्रस्ताव से आंध्र प्रदेश के अमरावती को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
हाल ही में त्यौहार को ध्यान में रखते हुए, उत्तर रेलवे ने 3,050 विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की थी। इनमें से अधिकांश ट्रेनें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाएंगी। इस बार चलाई जाने वाली ट्रेनों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 172% अधिक है। पिछले साल उत्तर रेलवे ने 1,082 विशेष ट्रेनें चलाई थीं।

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