खुद को कस्टम अधिकारी बताकर ठगों ने किया डिजिटल अरेस्ट कर आठ लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए, पीड़ित सुरेंद्र ने बताया कि 19 अक्तूबर को एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को कस्टम अधिकारी बताया और अपना नाम मोहिंदर कुमार बताया। उसने कहा कि सुरेंद्र की आईडी का उपयोग कर मलेशिया भेजा जा रहा एक पार्सल मुंबई पुलिस ने पकड़ा है। साइबर अपराधियों ने सेक्टर-46 निवासी इस व्यक्ति को पार्सल पकड़े जाने की सूचना देकर जांच के नाम पर डिजिटल अरेस्ट किया और मानव तस्करी मामले में फंसाने का डर दिखाकर 8 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित को करीब तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुरेंद्र ने बताया कि कॉल करने वाले ने कहा कि पार्सल में ड्रग्स और नशीले पदार्थ हैं, लेकिन सुरेंद्र ने इससे इनकार किया। इस पर ठगों ने डराते हुए कहा कि मामले की जांच अंधेरी पुलिस स्टेशन करेगी। फिर वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में लिया और पुलिसकर्मी बनकर बताया कि सुरेंद्र के नाम से एक बैंक खाता खुला हुआ है जिसमें मानव तस्करी के करोड़ों रुपये जमा हैं। इसके बाद आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी मांगी गई। फिर फर्जी अंधेरी न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में जांच की प्रक्रिया चलने लगी। ठगों ने सुरेंद्र को आठ लाख रुपये जमा करने का नोटिस भेजा, जिसके दबाव में उन्होंने आरटीजीएस से पैसे ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में दोबारा रुपये की मांग की गई, तब जाकर सुरेंद्र को ठगी का अहसास हुआ।
खुद को कस्टम अधिकारी बताकर ठगों ने किया डिजिटल अरेस्ट, आठ लाख रुपये ट्रांसफर करवाए





