उत्तर प्रदेश में 2024 के उपचुनाव का बिगुल बज चुका है और सभी पार्टियां एक-दूसरे पर सियासी हमले कर रही हैं। यूपी की नौ विधानसभा सीटों में से सबसे ज्यादा चर्चा में मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट है। यहां भाजपा ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बहनोई अनुजेश यादव को टिकट देकर मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है। इसके बाद सपा नेता अनुजेश यादव के खिलाफ प्रचार में जुट गए हैं। इसी कड़ी में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने सपा प्रत्याशी तेज प्रताप यादव के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रत्याशी अनुजेश यादव पर तीखा हमला बोला है।
धर्मेंद्र यादव ने मैनपुरी में मंच से अपने बहनोई और भाजपा उम्मीदवार अनुजेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उन्होंने 2019 में भाजपा ज्वाइन किया था, तभी उन्होंने उनसे संबंध तोड़ दिए थे। अब तक जो बातें परिवार के बीच थीं, वे अब जनता के सामने आ गई हैं। भरे मंच से धर्मेंद्र यादव ने अपने बहनोई से रिश्ता खत्म करने की बात कहकर सियासी लड़ाई को सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार को यह सोचना चाहिए कि जिनके साथ वे खड़े हैं, उन्होंने जनता का शोषण और अन्याय किया है।
मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि वे चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्हें विश्वास है कि करहल विधानसभा सहित पूरा क्षेत्र समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा है। उनका मानना है कि भाजपा ने राज्य में अन्याय का शासन स्थापित किया है और योगी-मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। वे इस चुनाव में विकास को मुद्दा बनाकर जनता के बीच जा रहे हैं। यह लड़ाई रिश्तेदारी की नहीं बल्कि पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) विचारधारा और सिद्धांतों को बचाने की है। उन्हें उम्मीद है कि करहल समेत उत्तर प्रदेश की सभी नौ सीटों पर समाजवादी पार्टी जीत हासिल करेगी।
मैनपुरी जिले की करहल विधानसभा सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। करहल सीट सपा का गढ़ मानी जाती है और यहां सपा प्रत्याशी तेज प्रताप यादव और भाजपा प्रत्याशी अनुजेश यादव के बीच मुकाबला है। अनुजेश यादव, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के बहनोई हैं और उनकी बहन संध्या यादव के पति हैं। संध्या यादव 2015 से 2020 तक मैनपुरी की जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं, जबकि अनुजेश इसी दौरान फिरोजाबाद से जिला पंचायत सदस्य थे।
इस बार करहल सीट पर फूफा-भतीजे के बीच सीधी टक्कर है। 2022 के विधानसभा चुनाव में करहल सीट अखिलेश यादव के पास थी, जो इस साल लोकसभा चुनाव के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई। अब उनकी जगह अखिलेश के भतीजे तेज प्रताप यादव, जो मुलायम सिंह यादव के बड़े भाई रतन सिंह यादव के पोते और आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव के दामाद भी हैं, चुनाव लड़ रहे हैं।
अनुजेश यादव के साथ मेरा कोई संबंध नहीं-धर्मेंद्र यादव




