शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार और पुलिस को निर्देश दिया कि वे दिल्ली में प्रवेश के सभी 113 बिंदुओं पर तत्काल चेकपॉइंट स्थापित करें। कोर्ट ने कहा कि इन बिंदुओं पर तैनात कर्मियों को आवश्यक वस्तुओं की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। 13 प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया ताकि GRAP चरण IV के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके। सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई कि लगभग 100 प्रवेश बिंदुओं पर ट्रकों की निगरानी का कोई प्रबंध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट और सीएक्यूएम द्वारा दिए गए आदेशों के बावजूद दिल्ली सरकार और पुलिस GRAP चरण IV के प्रावधानों का पालन करने में विफल रही है। कोर्ट ने 13 प्रवेश बिंदुओं पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एमिकस क्यूरी को जल्द से जल्द सौंपने का आदेश दिया। इसके साथ ही 13 वकीलों को इन बिंदुओं पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। सुबह 7:15 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 371 रहा। एनसीआर के अन्य शहरों में, फरीदाबाद का एक्यूआई 263, गुरुग्राम का 281, गाजियाबाद का 274, ग्रेटर नोएडा का 234 और नोएडा का 272 रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली के कुछ इलाकों में एक्यूआई 400 से 450 के बीच, यानी ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। आनंद विहार में एक्यूआई 410, बवाना में 411, जहांगीरपुरी में 426, और वजीरपुर में 413 रहा।
सीपीसीबी के मुताबिक, एक्यूआई 200-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘बहुत खराब’, और 401-450 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। प्रदूषण घटाने के लिए, नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने शुक्रवार को रात्रि सफाई और सड़क सफाई अभियान शुरू किया। पिछले कुछ दिनों से ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी में रहने के बाद दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है और यह अब ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आ गई है।
GRAP-4 लागू होने के बाद भी नहीं सुधरा प्रदूषण से दिल्ली का हाल- सुप्रीम कोर्ट






