कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल की वायनाड संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में आसानी से जीत दर्ज की। निर्वाचन आयोग के अनुसार, वायनाड लोकसभा उपचुनाव में कई घंटों की मतगणना के बाद प्रियंका गांधी ने सवा चार लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की। इस चुनाव में प्रियंका गांधी और उनके प्रतिद्वंद्वी के बीच का अंतर इस साल लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी और उनके प्रतिद्वंद्वी के बीच के अंतर से अधिक रहा।
अपनी जीत के बाद प्रियंका गांधी ने वायनाड के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “वायनाड के मेरे प्यारे भाई-बहनों, आपने जो विश्वास मुझ पर जताया है, उसके लिए मैं बहुत आभारी हूं। मैं यह सुनिश्चित करूंगी कि समय के साथ आप महसूस करें कि यह जीत आपकी है। आपने जिस व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि चुना है, वह आपकी उम्मीदों और सपनों को समझता है और आपके लिए लड़ता है। मैं संसद में आपकी आवाज बनने के लिए उत्सुक हूं।”
प्रियंका ने अपने परिवार और भाई राहुल गांधी का भी आभार जताया। उन्होंने लिखा, “मुझे यह सम्मान देने और मुझ पर अपार प्यार बरसाने के लिए मैं आप सबकी आभारी हूं। मेरी मां, रॉबर्ट और मेरे बच्चे रेहान और मिराया, आपने मुझे जो साहस और समर्थन दिया है, उसके लिए धन्यवाद। और मेरे भाई राहुल, तुम सबसे बहादुर हो… हमेशा मेरा मार्गदर्शन करने और साथ देने के लिए धन्यवाद!”
वायनाड लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव 13 नवंबर को हुआ था। इस चुनाव में प्रियंका गांधी का मुकाबला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता सत्यन मोकेरी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नव्या हरिदास से हुआ। यह सीट राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। राहुल गांधी ने इस साल की शुरुआत में हुए लोकसभा चुनाव में वायनाड और उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से चुनाव लड़ा था। जीत के बाद उन्होंने वायनाड सीट छोड़ दी थी।
प्रियंका गांधी ने वायनाड से की अपनी राजनीतिक पारी की शुरूआत, पहले चुनाव में ही 4 लाख वोटों से जीतीं






