किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। बिहार सरकार अब पटवन के लिए निजी बोरिंग करवाने वाले किसानों को अनुदान प्रदान करेगी। यदि आपके क्षेत्र में नहर की सुविधा नहीं है, तो सरकार 70 मीटर की गहराई तक निजी बोरिंग लगाने पर अनुदान देगी।
हाल ही में लघु जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में विभाग के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और अन्य अधिकारी सचिवालय में उपस्थित रहे। सचिव ने “मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना” के तहत स्थलों की जांच और दावों की स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। साथ ही, योजना के नोडल पदाधिकारी को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया। बैठक में स्वीकृत योजनाओं के आवंटन और व्यय की प्रगति पर भी चर्चा की गई। सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि पूर्ण योजनाओं और प्रगति का अद्यतन रिपोर्ट एमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा, “जल-जीवन-हरियाली” और “हर खेत तक सिंचाई का पानी” योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई और इन्हें समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
70 मीटर की गहराई तक के लिए अनुदान
बिहार सरकार की निजी नलकूप बोरिंग योजना के तहत किसानों को 50 से 70 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा। यह अनुदान बोरिंग और मोटर पंप सेट दोनों के लिए दिया जाएगा। योजना के तहत, किसानों को अधिकतम 70 मीटर की गहराई तक बोरिंग के लिए अनुदान मिलेगा। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसमें आवेदन की जानकारी, भूमि स्वामित्व प्रमाण (एलपीसी), बैंक खाता विवरण और अन्य आवश्यक जानकारियां देनी होंगी।
बिहार सरकार किसानों को निजी बोरिंग पर 80 फीसदी तक अनुदान देगी






