देवेंद्र फडणवीस का साल 2019 में दिया एक बयान सोशल मीडिया पर छाया रहता है। इस बयान में उन्होंने कहा था कि ‘मैं समंदर हूं लौट कर आऊंगा।’
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति को शानदार जीत मिलने के बाद करीब 10 दिनों की चर्चा के उपरांत बीजेपी ने आखिरकार घोषणा कर दी है कि देवेंद्र फडणवीस विधायक दल के नेता और राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को मतदान हुआ था और 23 नवंबर को परिणाम घोषित हुए थे। चुनाव परिणाम के बाद से महायुति में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान जारी थी, जो अब बुधवार को समाप्त हो गई है। बीजेपी की विधायक दल की बैठक में देवेंद्र फडणवीस को नेता चुना गया है, और वे ही राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे। शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को आजाद मैदान में आयोजित किया जाएगा। इसी दिन मुख्यमंत्री के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ ले सकते हैं। बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे और अजित पवार की पार्टी से उपमुख्यमंत्री होंगे।
देवेंद्र फडणवीस के पिता गंगाधर फडणवीस बीजेपी के प्रमुख नेता थे और वे कई वर्षों तक विधान परिषद के सदस्य रहे। उनके निधन के बाद खाली हुई सीट पर नितिन गडकरी निर्वाचित हुए। देवेंद्र फडणवीस पिछले 30 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं। छात्र जीवन में वे एबीवीपी से जुड़े थे। 1992 में, मात्र 22 साल की उम्र में, वे नागपुर नगर निगम के पार्षद बने और यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। 1997 में, वे नागपुर के महापौर बने। देवेंद्र फडणवीस ने राजनीति में नितिन गडकरी का मार्गदर्शन लिया, लेकिन बाद में बीजेपी में बदलते समीकरणों के तहत गोपीनाथ मुंडे के साथ जुड़ गए। इसी समूह में रहकर 2013 में वे महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने। 1999 से लगातार पांच बार महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य चुने गए और 2014 में मुख्यमंत्री बने। 2019 से 2022 तक वे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे और महायुति सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री का पद संभाला। अब फडणवीस फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे।
देवेंद्र फडणवीस का 2019 में दिया एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चित है, जिसमें उन्होंने कहा था, “मैं समंदर हूं, लौटकर आऊंगा।” फडणवीस के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस के साथ अच्छे संबंध हैं, जो उनके राजनीतिक सफर में सहायक रहे हैं।






