संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा में शामिल आरोपियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का फैसला किया है। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। अब तक 400 से अधिक लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 32 को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, पोस्टर में गिरफ्तार लोगों के नाम शामिल नहीं होंगे। डीएम ने कहा कि पोस्टर का डिजाइन तैयार किया जा रहा है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। शांति समिति की बैठक में तय होगा कि कितने लोगों के पोस्टर लगाए जाएंगे।
24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें पुलिस पर पथराव और फायरिंग हुई। इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करने और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है। पुलिस ने हिंसा में शामिल दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो हिंसा के दौरान घायल हो गए थे और उनका इलाज चल रहा था। सेहत में सुधार होने के बाद, पुलिस ने उनसे पूछताछ की और उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एक अन्य आरोपी का इलाज अभी चल रहा है, उसकी हालत में सुधार होने पर उसे भी न्यायालय में पेश किया जाएगा।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि संभल कोतवाली पुलिस ने नखासा थाना क्षेत्र के शहबाजपुरा निवासी अजीम और बड़ा बाजार निवासी हसन को गिरफ्तार किया है। हिंसा के दौरान ये दोनों घायल हुए थे और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा था। दोनों की सेहत में सुधार होने के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया और जेल भेज दिया। इस मामले में संभल कोतवाली में पांच और नखासा थाने में दो एफआईआर दर्ज हुई हैं। कुल 40 नामजद और 2750 अज्ञात आरोपियों को इस मामले में शामिल किया गया है। इनमें से 32 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
संभल हिंसा में शामिल 400 से अधिक आरोपियों के पोस्टर लगाएगा प्रशासन





