संभल की जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद में एडवोकेट कमिश्नर ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 40 पन्नों की सर्वे रिपोर्ट चंदौसी जिला कोर्ट में सील बंद लिफाफे में पेश की। अगली कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के निर्देशों पर निर्भर करेगी। इस मामले में कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने अपनी सर्वे रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल की। उन्होंने बताया कि तबियत खराब होने के कारण रिपोर्ट पेश करने में देरी हुई। 19 नवंबर को चंदौसी स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर कैला देवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरी और हरिशंकर जैन समेत आठ वादकारियों ने याचिका दायर की थी। उसी दिन अधिवक्ता रमेश सिंह राघव को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर सर्वे का आदेश दिया गया था।
कोर्ट कमिश्नर ने 19 नवंबर को कड़ी सुरक्षा के बीच सर्वे किया। 24 नवंबर को डीएम और एसपी की सुरक्षा में दोबारा सर्वे करने पहुंचे तो हिंसा भड़क गई, जिसमें पांच लोगों की मृत्यु हो गई और कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद, 29 नवंबर को रिपोर्ट पेश की जानी थी, लेकिन समय सीमा बढ़ाकर 9 दिसंबर कर दी गई।
गुरुवार को शाम करीब साढ़े चार बजे कोर्ट कमिश्नर ने पीले रंग के सील बंद लिफाफे में सर्वे रिपोर्ट और 60 तस्वीरें अदालत में पेश की। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट शाही जामा मस्जिद में पाए गए साक्ष्यों पर आधारित है। जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने भी इस रिपोर्ट के दाखिल होने की जानकारी दी और कहा कि यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ही खोली जाएगी।
संभल: जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट कमिश्नर ने सील बंद लिफाफे में पेश की




