डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली। इस ऐतिहासिक समारोह में जो बाइडन, कमला हैरिस, एलन मस्क, हिलेरी क्लिंटन और इवांका ट्रंप समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। शपथ ग्रहण के बाद ट्रंप ने अपना उद्घाटन भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा अमेरिका को प्राथमिकता देंगे और देशवासियों के हित के लिए काम करेंगे।
शपथ ग्रहण से पहले जेडी वेंस ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। एमी क्लोबुचर ने इस समारोह का नेतृत्व किया और इसे “स्थायी लोकतंत्र” का प्रतीक बताया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, पूर्व राष्ट्रपतियों और ट्रंप व वेंस परिवारों की उपस्थिति की सराहना की।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में भगवान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका में रहने वाला हर नागरिक, चाहे वह किसी भी धर्म का हो या किसी भी कानूनी प्रक्रिया से अमेरिका आया हो, उनका देशवासी है। उन्होंने वादा किया कि वह अपने देशवासियों के लिए लड़ेंगे और अमेरिका को फिर से सबसे महान देश बनाएंगे। ट्रंप ने कहा कि अगले चार साल अमेरिका के लिए स्वर्णिम होंगे।
अपने भाषण में ट्रंप ने सीमा सुरक्षा, अपराध, और आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीतियों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मैक्सिको सीमा को सुरक्षित बनाएंगे और गैरकानूनी घुसपैठ रोकेंगे। उन्होंने ‘Make America Great Again’ के नारे को साकार करने के लिए सभी अमेरिकियों का समर्थन मांगा।
चीन पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि पनामा नहर का दुरुपयोग नहीं होने देंगे। उन्होंने गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ करने की भी बात कही। साथ ही, उन्होंने इज़रायल की तीन महिला बंधकों की रिहाई का श्रेय भी लिया।
अपने भाषण में ट्रंप ने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बनाने का वादा किया और जो बाइडन प्रशासन की तीखी आलोचना की। उन्होंने बाइडन और डेमोक्रेटिक पार्टी को भ्रष्टाचार में लिप्त बताया और कहा कि बाइडन सरकार की कमजोर नीतियों ने अमेरिका को खतरे में डाला। ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि उनका प्रशासन अमेरिका में ईमानदारी, अखंडता और कुशलता वापस लाएगा।
अपने संबोधन का अंत ट्रंप ने भगवान की कृपा की कामना और जनता का धन्यवाद करते हुए किया।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली, समारोह में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद




