काशी-प्रयागराज समेत सात जिलों के धार्मिक पर्यटन क्षेत्र को योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

योगी कैबिनेट की बैठक में प्रयागराज सहित कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हेतापट्टी से सलोरी तक गंगा नदी पर पुल बनाया जाएगा और अरैल में भी एक पुल को मंजूरी दी गई है।

महाकुंभ के दौरान बुधवार को हुई इस कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें प्रयागराज से हेतापट्टी-सलोरी पुल, संगम के पास अरैल में समानांतर पुल, और वाराणसी, प्रयागराज सहित सात जिलों को धार्मिक क्षेत्र के रूप में मान्यता शामिल है। इसके अलावा, प्रयागराज, वाराणसी और आगरा में मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने और मुरादाबाद में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। बैठक में प्रयागराज, विंध्य क्षेत्र और वाराणसी विध्य क्षेत्र के गठन का भी निर्णय लिया गया। गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार मध्य प्रदेश की सीमा रीवा तक और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को रीवा तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी पास हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा और गंगा नदी पर छह लेन का पुल भी बनाया जाएगा। प्रयागराज को झूसी से जोड़ने के लिए एक और चार लेन का पुल तथा यमुना नदी पर एक सिग्नेचर ब्रिज बनाया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज-चित्रकूट और वाराणसी में नीति आयोग के सहयोग से विशेष विकास क्षेत्र बनाए जाएंगे। गंगा एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की योजना है, जिससे मिर्जापुर, भदोही, काशी, चंदौली और गाजीपुर के विकास को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रयागराज, वाराणसी और आगरा नगर निगमों के लिए बॉन्ड जारी किए जाएंगे। पिछले एक हफ्ते में 9.25 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। प्रयागराज नगर निगम सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए बॉन्ड जारी करेगा। इसके अलावा, केजीएमयू को मेडिकल कॉलेज के रूप में स्थापित करने और हाथरस, कासगंज व बागपत में नए मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया। 62 आईटीआई और 5 नवाचार, आविष्कार एवं प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह विशेष कैबिनेट बैठक पहली बार महाकुंभ के दौरान आयोजित की गई, जिसमें राज्य के विकास और प्रयागराज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। एयरोस्पेस और रक्षा नीति के नवीनीकरण के साथ-साथ अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए नई प्रोत्साहन योजनाओं की भी घोषणा की गई है।

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