महाकुंभ मेले में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से श्रद्धालु परेशान रहे। कॉल ड्रॉप और नेटवर्क फेल होने के कारण लोग अपने प्रियजनों से संपर्क नहीं कर सके। अधिकारियों के दावों के बावजूद सेवा में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला। मेले में लोग अपने बिछड़े हुए साथियों को लगातार कॉल करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पहले कॉल ड्रॉप होती रही और फिर नेटवर्क ही गायब हो गया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण ट्रैफिक व्यवस्था भी बिगड़ गई, जिससे प्रमुख मार्गों पर जाम लग गया और पांटून पुलों को बंद करना पड़ा। प्रशासन को हालात सुधारने के लिए नई रणनीति अपनानी पड़ी। मेला क्षेत्र में अधिकांश मोबाइल नेटवर्क अचानक ठप हो गए, जिससे मोबाइल उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह से रात तक कॉल ड्रॉप की समस्या बनी रही, और अधिकांश मोबाइल नंबरों पर संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। इस वजह से श्रद्धालुओं को अपने परिवार और परिचितों से बातचीत करने में कठिनाई हुई। हालांकि, मेले की शुरुआत से पहले मोबाइल सेवा में सुधार की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन वास्तविकता में हालात वैसे नहीं रहे। अधिकारियों ने अतिरिक्त बीटीएस लगाने और प्रीपेड व पोस्टपेड उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने का दावा किया था, लेकिन नेटवर्क की समस्याएं बनी रहीं।
दिव्य और भव्य महाकुंभ में पुण्य स्नान के लिए श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी कि ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। चारों तरफ जाम लग गया और सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए। मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। संगम तट पर स्नानार्थियों की भारी भीड़ के कारण सभी पांटून पुलों को बंद कर दिया गया, जिससे अव्यवस्था फैल गई और श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। पुल नंबर 19 पर नाराज तीर्थयात्रियों ने हंगामा भी किया, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिला। पुलिस और प्रशासन की टीम दिनभर व्यवस्था सुधारने में जुटी रही।
उम्मीद से अधिक श्रद्धालुओं के आने के कारण मेला प्रबंधन को अपनी योजना में बदलाव करना पड़ा। संगम तट पर भीड़ अधिक होने के कारण पांटून पुलों को बंद किया गया था। राजेश द्विवेदी, एसएसपी महाकुंभ
महाकुंभ में मोबाइल कंपनियों का नेटवर्क हुआ ख़राब, सुबह से लेकर रात तक हो रही हैं कॉल ड्रॉप





