संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के कथित मास्टरमाइंड शारिक साटा के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने नवंबर 2024 में हुई हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता शारिक साटा की संपत्ति को कुर्क कर लिया है। आरोपी के खिलाफ धारा 209 बीएनएस के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं।
24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद दीपा सराय निवासी शारिक साटा को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था। न्यायालय से कुर्की का आदेश मिलने के बाद प्रशासन ने भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ कार्रवाई की। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपी की संपत्ति को अटैच किया। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि कोर्ट के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की गई है। यह संपत्ति संभल के सबसे महंगे इलाकों में से एक में स्थित है। चार मंजिला इमारत में केवल वही हिस्सा कुर्क किया गया है, जो फरार आरोपी शारिक साटा के नाम दर्ज है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शारिक साटा लगातार न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था। इसी आधार पर कोर्ट ने उसकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। एसपी ने बताया कि शारिक साटा के खिलाफ अपराध संख्या 340/24 और 306/24 के तहत हत्या की साजिश, दंगा भड़काने और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। बवाल के दौरान उसके गिरोह के सदस्य मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस ने फायरिंग की थी, जिसमें आम नागरिकों की मौत हो गई थी। शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन जांच के दौरान गिरोह की संलिप्तता सामने आने पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुल्ला अफरोज के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।
दुबई से गिरोह चलाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि शारिक साटा दुबई में रहकर अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित करता है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि हथियार शारिक साटा ने ही उपलब्ध कराए थे। शारिक साटा पर वाहन चोरी, हथियारों की तस्करी, सोना और नकली नोटों की तस्करी जैसे कई गंभीर आरोप पहले से दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, शारिक साटा के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संपर्क में रहने की भी जानकारी मिली है। दिल्ली में उसके खिलाफ पहले से केस दर्ज हैं और अब संभल पुलिस रिकॉर्ड में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया है।
एसआईटी जांच में खुला पूरा मामला
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा में गोली लगने से पांच लोगों की मौत हुई थी। इनमें से चार मामलों में हत्या के केस दर्ज किए गए, जबकि एक मृतक के परिजनों ने कार्रवाई से इनकार कर दिया था। बवाल के दौरान पुलिसकर्मियों पर भी गोलियां चलाई गई थीं। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान जामा मस्जिद के पिछले हिस्से की गली से मेड इन पाकिस्तान और अमेरिका के खोखे बरामद हुए, जिससे जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शारिक साटा और उसका गिरोह सामने आया। एसपी के अनुसार, इस पूरी साजिश का मकसद पुलिसकर्मियों की हत्या कर शहर का माहौल खराब करना और कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा करना था। विदेश में बैठकर साजिश रची गई और हथियारों की सप्लाई की गई। साजिश का खुलासा होने के बाद शारिक साटा को हिंसा का मास्टरमाइंड मानते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई तेज की गई। अब संपत्ति कुर्क होने के साथ ही उसे औपचारिक रूप से भगोड़ा घोषित कर दिया गया है।






