वक्फ बिल पर जेपीसी की बैठक में हंगामा, विपक्ष के 10 सांसद निलंबित

वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी की अब तक 34 बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें लगभग 107 घंटे की चर्चा हुई है। 27 जनवरी से समिति बिल को लेकर अपनी रिपोर्ट के मसौदे पर क्रमवार चर्चा शुरू करेगी। माना जा रहा है कि फरवरी के पहले हफ्ते में ही जेपीसी अपनी रिपोर्ट संसद में पेश कर देगी। जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को गरीबों के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन विधेयक पर संसदीय समिति की बैठक में शुक्रवार को हंगामा हुआ, जहां विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि मसौदा विधेयक में प्रस्तावित बदलावों के अध्ययन के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली इस संयुक्त समिति ने कश्मीर के धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के विचार सुनने का निर्णय लिया है। मीरवाइज को बुलाने से पहले समिति के सदस्यों के बीच आपसी चर्चा हुई, जिसके दौरान विपक्षी नेताओं के साथ विवाद हुआ।

समिति की कार्यवाही पर विपक्ष की आपत्ति
विपक्षी सदस्यों ने दावा किया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा वक्फ संशोधन विधेयक पर रिपोर्ट को जल्दी स्वीकार करने का दबाव बना रही है। बैठक में तीखी बहस के कारण कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी और कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन बैठक से बाहर चले गए। उनका कहना था कि समिति की कार्यवाही एक ‘तमाशा’ बन गई है। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित संशोधनों पर विस्तृत विचार के लिए 27 जनवरी को होने वाली बैठक को 30 या 31 जनवरी तक के लिए टाल दिया जाए।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्षी सदस्यों की आलोचना करते हुए कहा कि उनका आचरण संसदीय परंपराओं के खिलाफ है और वे बहुमत की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। बैठक से पहले मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि वह वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करते हैं और धर्म के मामलों में सरकारी हस्तक्षेप के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि वक्फ का मुद्दा जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए बेहद संवेदनशील है और इस पर ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे माहौल खराब हो।

विधेयक के प्रमुख बिंदु
• समिति में 31 सांसद शामिल हैं, जिनमें 21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से हैं।
• भारत में करीब 30 वक्फ बोर्ड हैं, जो 9 लाख एकड़ से अधिक भूमि का प्रबंधन करते हैं।
• वक्फ बोर्ड की संपत्ति का अनुमानित मूल्य 1.2 लाख करोड़ रुपये है।
• विधेयक में जिला कलेक्टरों को विवादित संपत्ति के स्वामित्व पर निर्णय लेने का अधिकार देने का प्रस्ताव है।
• गैर-मुस्लिमों को वक्फ बोर्ड में शामिल करने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
जेपीसी ने विभिन्न राज्यों में बैठकों के माध्यम से संबंधित पक्षों की आपत्तियां और सुझाव सुने हैं। माना जा रहा है कि फरवरी के पहले सप्ताह तक जेपीसी अपनी रिपोर्ट संसद में पेश कर देगी।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading