गुजरात सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 3 लाख 70 हजार 250 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। विधानसभा में वित्त मंत्री कनू देसाई द्वारा प्रस्तुत इस बजट में किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया गया है। इसमें 148 करोड़ रुपए की कर राहत देने की योजना शामिल है। उन्होंने सदन को बताया कि इस बार का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 37,785 करोड़ रुपए अधिक है, जो गत वर्ष के बजट से 11.3 प्रतिशत अधिक है। राज्य सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी में कटौती और इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटर वाहन कर में राहत के रूप में 148 करोड़ रुपए की कर छूट देने का प्रस्ताव रखा है।
बजट के पांच प्रमुख स्तंभ
अपने बजटीय भाषण में, वित्त मंत्री ने कई नई योजनाओं और परियोजनाओं की घोषणा करते हुए बताया कि यह बजट पाँच स्तंभों पर आधारित है, सामाजिक सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, अवसंरचना विकास, हरित विकास (ग्रीन ग्रोथ) और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार।
विकसित गुजरात फंड की घोषणा
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने विजन को वास्तविकता में बदलने के लिए योजनाबद्ध परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में, अगले पाँच वर्षों के लिए 50 हजार करोड़ रुपए के विकसित गुजरात फंड की घोषणा की गई, जिसमें इस वर्ष के बजट में 5 हजार करोड़ रुपए का आवंटन प्रस्तावित है।
दो नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे
बजट में घोषित नई परियोजनाओं के तहत दो ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे विकसित किए जाएंगे—
- नमो शक्ति एक्सप्रेसवे, जो उत्तर गुजरात के बनासकांठा को सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों से जोड़ेगा।
- सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे, जो अहमदाबाद से राजकोट तक विस्तारित होगा और द्वारका, सोमनाथ तथा पोरबंदर जैसे तीर्थ स्थलों को जोड़ेगा।
- गरवी गुजरात हाई स्पीड कॉरिडोर प्रोजेक्ट की घोषणा, 1367 किलोमीटर लंबे 12 हाई स्पीड कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन
सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार और आधुनिक तकनीकों के समावेश के लिए गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन करेगी। इस आयोग की अध्यक्षता मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. हसमुख अढिया करेंगे।
सरकार ने बजट में वर्ष 2025 को शहरी विकास वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की गई। इसके तहत, शहरी विकास के लिए बजट राशि में 40 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 30,325 करोड़ रुपए का आवंटन प्रस्तावित किया गया है।






