योगी सरकार ने यूपी विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने रामचरितमानस की चौपाई के साथ बजट घोषणाओं की शुरुआत की। करीब 8.5 लाख करोड़ रुपये के इस बजट में मध्य वर्ग, युवा, किसान और महिलाओं को राहत देने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा, पर्यटन, विशेष रूप से धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने एक शेर पढ़ा:
“अधूरी ख्वाहिशें जीने का मजा देती हैं, सब मांगे पूरी हो जाएंगी तो तमन्ना किसकी करोगे…”
- कुल बजट आकार: ₹8,08,736.06 करोड़, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8% अधिक है।
- पूंजीगत व्यय: बजट का 20.5% हिस्सा विकास कार्यों के लिए निर्धारित।
प्रमुख क्षेत्रों में बजट आवंटन:
• अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर): 22%
• शिक्षा: 13%
• कृषि एवं संबद्ध सेवाएं: 11%
• चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: 6%
• सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: 4%
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं:
✔ शोध एवं विकास और सूचना प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन।
✔ विधानसभा को आधुनिक आईटी सिस्टम से लैस करने के लिए विशेष प्रावधान।
✔ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य।
राज्य सरकार द्वारा चिन्हित 10 प्रमुख सेक्टर:
- कृषि एवं संबद्ध सेवाएं
- अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर)
- उद्योग
- आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
- शिक्षा
- पर्यटन
- नगर विकास
- वित्तीय सेवाएं
- ऊर्जा और पूंजी निवेश





