भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 5,614 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया है, जो निर्धारित लक्ष्य 5,150 किलोमीटर से अधिक है। इस उपलब्धि की जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गई है। एनएचएआई ने इस वर्ष राजमार्ग अवसंरचना के विकास पर 2,50,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा पूंजीगत व्यय है। पहले इसका लक्ष्य 2,40,000 करोड़ रुपये निर्धारित था, लेकिन वास्तविक खर्च इससे अधिक रहा। यह व्यय सरकारी बजटीय समर्थन और एनएचएआई के अपने संसाधनों से किया गया है।
पिछले वर्षों की तुलना में 21% की वृद्धि
बयान के अनुसार, यदि पिछले वर्षों से तुलना करें तो वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह व्यय 2,07,000 करोड़ रुपये था, जबकि 2022-23 में 1,73,000 करोड़ रुपये था। यानी इस साल पूंजीगत व्यय में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 2022-23 की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक खर्च किया गया है।
राजमार्ग परियोजनाओं के लिए तीन तरह से फंडिंग
इस वर्ष एनएचएआई ने 28,724 करोड़ रुपये के परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण किया, जिसमें एकल दौर में सबसे बड़ी रसीद 17,738 करोड़ रुपये की रही। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजमार्ग परियोजनाओं के लिए एनएचएआई ने तीन प्रमुख फंडिंग तरीकों का उपयोग किया:
• टोल ऑपरेट ट्रांसफर
• इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट
• टोल सेक्युरिटाइजेशन
राजमार्ग निर्माण में निरंतर वृद्धि
एनएचएआई की यह उपलब्धि भारत के सड़क और परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बढ़ते पूंजीगत व्यय और राजमार्ग निर्माण के नए रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि सरकार बेहतर कनेक्टिविटी और सुदृढ़ अवसंरचना पर विशेष ध्यान दे रही है।






