चंदौसी (संभल): गांव जनेटा स्थित दरगाह शरीफ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस दरगाह पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने और मेले के माध्यम से अवैध वसूली करने के आरोप लगे हैं। दरगाह के मुतवल्ली डॉ. सैयद शाहिद मियां ने इसे वक्फ संपत्ति बताते हुए प्रशासन को संबंधित दस्तावेज सौंपे हैं। फिलहाल तहसील प्रशासन इन दस्तावेजों की जांच कर रहा है। बताया जा रहा है कि यह दरगाह सैकड़ों साल पुरानी है और सरकारी जमीन पर बनी है। एक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि हर साल मेले के बहाने यहां अवैध वसूली की जाती है। प्रशासन द्वारा मांगे जाने पर मुतवल्ली ने दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, जिनमें दावा किया गया है कि यह वक्फ की संपत्ति है। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इनमें वक्फ संपत्ति की पुष्टि नहीं हो रही है। यदि जमीन सरकारी निकली, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बार मेले से पहले ही विवाद उठ गया था, जिसके चलते प्रशासन ने धारा 63 के तहत मेले की अनुमति नहीं दी और मेला स्थगित करना पड़ा।
गौरतलब है कि वक्फ संशोधन अधिनियम लागू होने के बाद जिले में यह पहला मामला है जिसमें वक्फ संपत्ति को लेकर विवाद सामने आया है। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि डॉ. सैयद ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर खुद को फर्जी तरीके से मुतवल्ली घोषित कर लिया है और हर साल मेले के जरिए अवैध उगाही की जाती है। तहसीलदार ने बताया कि शिकायत के बाद दस्तावेज लिए गए हैं और उनकी जांच जारी है। जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संभल में सरकारी भूमि पर दरगाह बने होने का दावा, जांच शुरू




