पहलगाम हमले के बाद पूरे देश की तरह मध्यप्रदेश में भी लोगों का गुस्सा थमा नहीं है। प्रदेश के नागरिक केंद्र सरकार से आतंकवादियों और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। हमले के विरोध में राज्यभर में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच, केंद्र सरकार के आदेश के बाद मध्यप्रदेश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों ने भारत छोड़ना शुरू कर दिया है, हालांकि अधिकांश पाकिस्तानी भारत छोड़ने के इच्छुक नहीं हैं और विभिन्न बहाने बनाकर कुछ समय की मोहलत मांग रहे हैं। अधिकारी भी पूरी सख्ती के साथ जांच-पड़ताल में लगे हुए हैं। प्रशासन के अनुसार, पाकिस्तानियों की पूरी जानकारी एकत्र की जा रही है।
पहलगाम हमले के बाद केंद्र सरकार ने सख्त निर्णय लेते हुए पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। सरकार ने 27 अप्रैल तक की अंतिम तारीख तय की है, यानी इस दिन तक सभी पाकिस्तानियों को भारत छोड़ना अनिवार्य है। इंदौर में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों का डेटा भी एकत्रित किया गया है। बताया जा रहा है कि लगभग 50 पाकिस्तानी इंदौर पहुंचे हैं, जिनकी जानकारी प्रशासन ने जुटा ली है।
मांग रहे हैं कुछ दिन की मोहलत
केंद्र सरकार के निर्देश के बाद कुछ पाकिस्तानी नागरिक इंदौर छोड़कर जा चुके हैं, लेकिन अधिकांश अब भी भारत में ही बने रहना चाहते हैं। कई लोगों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर भारत छोड़ने के लिए कुछ और दिनों की मोहलत मांगी है। शुक्रवार को कुछ पाकिस्तानी नागरिकों ने पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से भेंट कर भारत छोड़ने की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया। कुछ ने बीमारी का हवाला दिया, तो कुछ ने वृद्धावस्था के कारण तुरंत यात्रा करने में असमर्थता जताई।
क्या कहता है आदेश
केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार, पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ना अनिवार्य है। केवल मेडिकल वीजा पर आए पाकिस्तानी नागरिकों को 29 अप्रैल तक भारत में रहने की छूट है। इसके बाद यदि कोई पाकिस्तानी भारत में पाया जाता है तो पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर देश से बाहर निकाल देगी।






