मोहन भागवत प्रधानमंत्री आवास गये, पहलगाम हमले पर संघ ने जताई चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत उनके सरकारी आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर पहुंचे। करीब एक घंटे चली इस मुलाकात को असाधारण माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर आरएसएस प्रमुख सीधे राजनीतिक नेताओं से उनके आवास पर मुलाकात नहीं करते। संघ के सूत्रों ने पुष्टि की है कि पिछले 11 वर्षों में यह पहली ऐसी भेंट थी।

पहलगाम हमले के बाद संघ की चिंता
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देश को हिला कर रख दिया है। हमले में निर्दोष नागरिकों और पर्यटकों को निशाना बनाया गया, जिससे पूरे देश में रोष है। सूत्रों के अनुसार, मोहन भागवत ने इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री के सामने संघ परिवार की गंभीर चिंता के साथ-साथ हिंदू समाज में बढ़ते असंतोष और असुरक्षा की भावना को स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री को आश्वासन दिया कि सरकार की आतंकवाद विरोधी कार्रवाईयों में संघ पूरी तरह से उनके साथ खड़ा है।

संवेदनशील समय में सरकार के साथ एकजुटता
एक वरिष्ठ स्वयंसेवक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि “जमीन पर माहौल तनावपूर्ण है, और हिंदू समाज आहत है। ऐसे समय में संघ का मानना है कि सरकार को नैतिक और वैचारिक समर्थन देना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही जनभावनाओं को समझना और संवेदनशीलता से संभालना भी उतना ही जरूरी है।” उन्होंने बताया कि भागवत जी की यह मुलाकात प्रतीकात्मक के साथ-साथ रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

संगठित प्रतिक्रिया का संकेत
संघ का विशाल नेटवर्क और वैचारिक प्रभाव उसे जनता के मूड को समझने और सरकार के पक्ष में समर्थन या संयम जुटाने में सक्षम बनाता है। इस मुलाकात से यह स्पष्ट संकेत गया है कि संघ इस संकट के समय सरकार के साथ खड़ा है और उसे पूरा सहयोग देगा।

सरकार की ओर से भी गंभीरता
वहीं सरकार भी इस बात को भली-भांति समझती है और आतंकी हमले के बाद की स्थिति को लेकर अत्यधिक सतर्क है। सीमापार बढ़ते खतरों और देश में उफनती भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार अपने निर्णयों को सावधानीपूर्वक तय कर रही है। इस मुलाकात के ज़रिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि भारत इस चुनौतीपूर्ण समय में एकजुट है।
जैसे ही यह खबर फैली, राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर अटकलों का दौर शुरू हो गया है क्या यह केवल संकट में एकजुटता का प्रतीक है या आने वाले समय में इससे कोई बड़ा राजनीतिक या रणनीतिक परिवर्तन भी देखने को मिलेगा?

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading