अमेरिका और यूक्रेन के बीच आखिरकार प्राकृतिक खनिजों को लेकर समझौता हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से यूक्रेन के खनिज संसाधनों पर ध्यान दे रहे थे। पिछले कुछ महीनों से ट्रंप की नज़र यूक्रेनी खनिजों पर थी, और इस वजह से वह राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की पर इस डील के लिए दबाव भी बना रहे थे। हालांकि ज़ेलेन्स्की की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों नेताओं में हुई बहस के चलते यह डील पहले नहीं हो पाई थी, लेकिन बुधवार को यह समझौता आखिरकार हो गया।
◙ अमेरिका के लिए कितने लाभकारी हैं यूक्रेन के खनिज
यूक्रेन के प्राकृतिक संसाधन अमेरिका के लिए बेहद फायदेमंद हैं। देश में खनिजों की भरपूर उपलब्धता है, जिनका उपयोग अमेरिका अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कर सकता है। अमेरिका के कई औद्योगिक क्षेत्रों को यूक्रेनी खनिजों से काफी लाभ मिल सकता है।
◙ खनिजों से बढ़ेगी अमेरिकी आमदनी, आर्थिक स्थिति को मिलेगा सहारा
यूक्रेनी खनिजों के जरिए अमेरिका अपनी आय बढ़ा सकता है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति को बल मिलेगा। गौरतलब है कि 2025 की पहली तिमाही में अमेरिकी GDP में 0.3% की गिरावट दर्ज की गई थी, जो तीन वर्षों में पहली बार हुआ है। ऐसे हालात में यह डील अमेरिका के लिए आर्थिक सहारा बन सकती है।
◙ पुनर्निर्माण और विकास फंड
इस समझौते के तहत अमेरिका को यूक्रेन के खनिज संसाधन मिलेंगे, जबकि बदले में वह यूक्रेन के पुनर्निर्माण और विकास कार्यों में सहायता करेगा। इसके लिए दोनों देशों द्वारा एक संयुक्त निवेश फंड स्थापित किया जाएगा, जिसमें अमेरिका प्रत्यक्ष रूप से या सैन्य सहायता के रूप में निवेश करेगा।
◙ रूस के खिलाफ यूक्रेन को मिलेगा निरंतर अमेरिकी सहयोग
इस खनिज डील के बाद रूस के खिलाफ जंग में अमेरिका यूक्रेन के साथ बना रहेगा। इससे यूक्रेनी सेना को मजबूती मिलेगी और रूस के मुकाबले उसकी स्थिति कमजोर नहीं होगी। साथ ही अमेरिका यूक्रेन को खुफिया जानकारी भी देता रहेगा।
◙ रूस पर बढ़ेगा राजनीतिक दबाव
अमेरिका और यूक्रेन के बीच हुई इस डील के बाद रूस पर शांति वार्ता के लिए दबाव और बढ़ेगा। हाल ही में रूस ने यूक्रेन के साथ शांति वार्ता की इच्छा जताई थी। अब यह खनिज समझौता रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की संभावनाओं को और मजबूत कर सकता है।






