अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को भारत और चीन समेत कई देशों पर पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इसके बाद स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो पार्ट्स पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया गया। अब ट्रंप ने अमेरिका में दिखाए जाने वाले विदेशी फिल्मों पर भी 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही है।
ट्रंप के इस कदम से दुनियाभर में हलचल मच गई है और कई देशों ने उनके इस फैसले की आलोचना की है। ट्रंप का कहना है कि हॉलीवुड धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और उसे बचाने के लिए यह कदम जरूरी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के बाहर बनी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाया जाना चाहिए क्योंकि अन्य देश अपने फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहन देकर अमेरिकी फिल्म उद्योग को नुकसान पहुँचा रहे हैं। यह न सिर्फ आर्थिक मामला है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। ट्रंप ने इसे एक संगठित वैश्विक प्रयास बताया और कहा कि इसमें प्रचार और संदेश देने का भी उद्देश्य है। राष्ट्रपति ने अमेरिकी वाणिज्य विभाग और व्यापार प्रतिनिधियों को आदेश दिया है कि वे अमेरिका में आयात होने वाली सभी विदेशी फिल्मों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें। ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि फिल्म निर्माण दोबारा अमेरिका में हो और हॉलीवुड की चमक फिर लौटे। वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने बताया कि इस प्रस्ताव पर काम किया जा रहा है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह टैरिफ केवल विदेशी कंपनियों को प्रभावित करेगा या अमेरिका की वो कंपनियां भी इसमें आएंगी जो फिल्म निर्माण विदेशों में करती हैं। इतना तय है कि अमेरिका अब विदेशी फिल्मों के आयात को सीमित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
जवाबी टैरिफ की शुरुआत:
2 अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत, चीन और अन्य देशों पर व्यापक जवाबी टैरिफ लागू किए थे। बाद में 9 अप्रैल को ट्रंप ने चीन और हॉन्गकॉन्ग को छोड़कर अन्य देशों के लिए 9 जुलाई तक टैरिफ को अस्थायी रूप से 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया था, क्योंकि करीब 75 देशों ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की इच्छा जताई थी। हालांकि, इन पर पहले से लगाया गया 10 प्रतिशत का बेसलाइन टैरिफ और 25 प्रतिशत शुल्क स्टील, एल्युमीनियम, और ऑटो पार्ट्स पर अभी भी लागू है।






